‘पनामा पेपर’ के बाद अब ‘पैराडाइज पेपर्स’ (1.34 करोड़ दस्तावेज) में टैक्सचोरी कर विदेश में कालाधन छुपाने के मामलों से जुड़ी फाइलें सामने आई हैं। इस खुलासे ने भारत सहित दुनिया भर को हिलाकर रख दिया है। इसमें ब्रिटेन की महारानी की निजी जागीर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कई मंत्रियों, कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रू़डो के मुख्य फंडरेजर, मोदी सरकार के मंत्री जयंत सिन्हा, बिहार से बीजेपी के राज्यसभा सांसद रवींद्र किशोर (आरके) सिन्हा और फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन सहित 714 भारतीयों के नाम शामिल हैं।
टैक्स से बचने के लिए कर पनाहगाह वाले देशों से संबंधित, लीक हुए पैराडाइज दस्तावेजों में केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा और बीजेपी के राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा का नाम आने पर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है। इस मामले में जयंत सिन्हा ने सफाई देते हुए कहा कि किसी भी ‘निजी उद्देश्य’ से कोई लेनदेन नहीं किया गया।
वहीं आरके सिन्हा ने तो मामले पर चुप्पी साधते हुए मौन व्रत धारण कर लिया था। लेकिन बुधवार को उन्होंने एक अखबार में विज्ञापन निकाल कर अपनी सफाई पेश की है। आरके सिन्हा ने विज्ञापन के जरिए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से अपील की है कि इंडियन एक्सप्रेस अखबार की रिपोर्ट से उनके विशेषाधिकार का हनन हुआ है और उनके सम्मान को ठेस पहुंची है। इसीलिए अखबार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किया जाए।
इसके अलावा सिन्हा ने अपने विज्ञापन में दावा किया है कि पैराडाइज पेपर्स खुलासे में जो भी उनपर आरोप लगे हैं वो सभी निराधार हैं। विदेश में स्थित उनकी कंपनी SIS (सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज) ने कोई भी गलत काम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी ने टैक्स चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशों में पैसा पार्क करने के किसी भी कृत में लिप्त नहीं है।
बता दें कि सोमवार को सांसद आरके सिन्हा से जब पैराडाइज पेपर्स खुलासे में उनके नाम के बारे में पत्रकारों ने जब सवाल किया तो उन्होंने मौनव्रत धारण करने का इशारा करते हुए कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। दरअसल पैराडाइज पेपर्स उनके नाम होने के चलते जब मीडिया ने सवाल किया तो सिन्हा ने दिलचस्प अंदाज में जवाब दिया है। सिन्हा ने पत्रकार द्वारा पूछे गए सवाल पर यह लिख कर जवाब दिया कि अभी उनका मौनव्रत चल रहा है।
पहले तो उन्होंने सिर हिलाकर जवाब देने से इनकार कर दिया। फिर भी मीडियाकर्मियों द्वारा बार-बार सवाल पूछने के बाद पत्रकारों से एक पेन लेकर एक कागज में लिखा, ‘7 दिन के भागवत महायज्ञ में मौन व्रत है।’ सिन्हा ने कागज पर लिखकर बताया कि वो अगले सात दिनों तक किसी भी मुद्दे पर कुछ नहीं बोलेंगे।
#WATCH: BJP MP Ravindra Kishore Sinha's reaction on being asked about a news report of his security firm being linked to 2 offshore entities pic.twitter.com/AryNIJdq8h
— ANI (@ANI) November 6, 2017
गौरतलब है कि 2014 में बिहार से सांसद चुने गये आरके सिन्हा की गिनती बीजेपी के अमीर नेताओं में होती है। पूर्व पत्रकार रवींद्र किशोर की कंपनी एसआईएस सिक्यॉरिटीज का नाम भी सामने आया है। दस्तावेज में स्पष्ट है कि इस कंपनी की विदेश में दो कंपनियां है। माल्टा रजिस्ट्री के रिकॉर्ड के मुताबिक एसआईएस सिक्यॉरिटीज की सहायक कंपनी एसआईएस एशिया पैसिफिक होल्डिंग्स (SAPHL) 2008 में माल्टा में रजिस्टर्ड हुई। सिन्हा की पत्नी रीत किशोर इस कंपनी की डायरेक्टर हैं।
इसी के साथ एसआईएस इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड (SIHL) ब्रिटिश वर्जिन द्वीप समूह में शामिल है, जिसके SAPHL में 3, 999,999 (करीब 40 लाख) शेयर हैं। माल्टा रजिस्ट्री से मिले 13 अक्टूबर 2008 के दस्तावेजों के अनुसार, SAPHL के प्रत्येक एक यूरो के करीब 1499 साधारण शेयर माल्टा की पीसीएल इंटरनैशनल होल्डिंग्स लिमिटेड से एसआईएस इंटरनैशनल होल्डिंग्स लिमिटेड में ट्रांसफर हुए थे।
क्या हैं पैराडाइज पेपर्स?
1.34 करोड़ दस्तावेजों के इस सेट को ‘पैराडाइज पेपर्स’ नाम दिया गया है। अपने देश में टैक्स बचाने के लिए विदेश में किए गए निवेश के बारे में खुफिया जानकारी देने वाले दस्तावेजों का पुलिंदा है। यह खुलासा पनामा पेपर्स के खुलासे के 18 महीनों बाद हुआ है। दोनों ही खुलासे जर्मनी के अखबार जीटॉयचे साइटुंग ने किए हैं।
इन खुलासों को करने के लिए इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ) की ओर से छानबीन की गई है। आईसीआईजे जांच को लेकर वैश्विक स्तर पर 96 मीडिया सहयोगियों के साथ काम करता है। ये पेपर्स खुलासा करते हैं कि कैसे दुनियाभर के राजनेता, सेलेब्रिटी और अमीर लोग अपने अर्जित संपत्ति पर टैक्स बचाने के लिए टैक्स हेवेन देशों में निवेश करने के साथ तमाम हथकंडे अपनाते हैं।
आईसीआईजे के भारतीय सहयोगी मीडिया संस्थान इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इस लिस्ट में कुल 714 भारतीयों के नाम शामिल हैं। वहीं दुनिया भर की बात करें तो इस लिस्ट में कुल 180 देशों के नाम हैं। इस लिस्ट में भारत 19वें नंबर पर है। जिन दस्तावेजों की छानबीन की गई है, उनमें से ज्यादातर बरमूडा की लॉ फर्म ऐपलबाय के हैं।
आईसीआईजे की मीडिया सहयोगी इंडिया एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार पैराडाइज पेपर्स में जिन भारतीयों के नाम है, उसमें बालीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन, फरार व्यवसायी विजय माल्या, कंपनियों के लिये जन संपर्क का काम करने वाली नीरा राडिया, संजय दत्त की पत्नी मान्यता, केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा और राज्यसभा सदस्य आर के सिन्हा के नाम हैं।