दोबारा होगी नोटबंदी? RTI जवाब से मिला 2000 के नोट बंद होने के संकेत

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बीते साल 8 नवंबर को रात आठ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालेधन पर लगाम लगाने के लिए 1000 और 500 रुपये के नोट को बंद करने की घोषणा की थी। अब इस महीने 8 नवंबर को नोटबंदी को एक साल पूरा होने को है। इस पर देश की दोनों बड़ी पार्टियों के बीच सियासी तनातनी भी शुरू हो गई है।

एक तरफ कांग्रेस के नेतृत्व में 18 विपक्षी दलों ने इस घोषणा का एक वर्ष पूरा होने पर जहां ‘काला दिवस’ मनाने की घोषण की है, वहीं सत्तारूढ़ बीजेपी ने इस दिन कालाधन विरोधी दिवस (रिपीट कालाधन विरोधी दिवस) मनाने की घोषणा की है। हालांकि अगर भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों पर गौर करें तो यह साफ हो जाता है कि नोटबंदी विपक्ष साबित हुई है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने पिछले साल 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोटबंदी की घोषणा के बाद बैंकों में लौटे 500 और 1000 के पुराने नोटों का 30 अगस्त को पहली बार आंकड़ा जारी किया था। आरबीआई ने बताया कि पुराने नोटों में 99 फीसदी बैंकिंग प्रणाली में वापस आ गए हैं।

इस रिपोर्ट में नोटबंदी के बाद मार्च 2017 तक की स्थिति की जानकारी दी गई है। मोदी सरकार ने नोटबंदी के कदम के समर्थन में कहा था कि इससे कालेधन, भ्रष्टाचार और नकली मुद्रा पर लगाम लगेगी। रिपोर्ट आने के बाद विपक्षी पार्टियां तो सरकार को घेर ही रही हैं, सोशल मीडिया पर भी लोग इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं।

बंद हो जाएगा 2000 के नोट?

मोदी सरकार ने कहा था कि नोटबंदी से भ्रष्टाचार से निपटने में मदद मिलेगी। इस पर कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने सवाल उठाते हुए कहा था कि यदि 1000 रुपये के नोट से भ्रष्टाचार बढ़ रहा था, तो 2000 रुपये के नोट से तो इसमें और इजाफा होगा।

वहीं नोटबंदी के एक महीने बाद पिछले साल दिसंबर में आरएसएस से जुड़े आर्थिक विचारक एस. गुरुमूर्ति ने कहा था कि 2000 रुपये के नोट अगले 5 साल में बंद हो जाएंगे। उन्होंने कहा था कि सरकार ने नोटबंदी के चलते होने वाली कैश की कमी से निपटने के लिए इस बड़े नोट को छापने का फैसला लिया था। लेकिन, अगले 5 साल में इसे बंद कर दिया जाएगा।

जुलाई महीने में मीडिया रिपोर्टों में भी दावा किया गया था कि आरबीआई अब मार्केट में छोटे नोटों की सप्लाइ बढ़ाएगा। मार्केट में अब 50, 100 और 500 रुपये के नोटों की सप्लाइ बढ़ेगी। बैंकिग सूत्रों का कहना है कि छोटे नोटों की संख्या बढ़ाने का मतलब 2000 रुपये के नोट को बाहर का रास्ता दिखाने की शुरुआत हो सकती है।

RTI से भी मिले संकेत

पिछले दिनों लाइव मिंट की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारतीय रिजर्व बैंक ने 200 रुपये के नोट समेत अन्य छोटे नोटों की छपाई तेज कर दी है। जबकि दो हजार रुपये के नोटों की पर्याप्त प्रिंटिंग के बाद फिलहाल इसकी छपाई रोक दी गई है। जुलाई में आई रिपोर्ट में दावा किया गया था कि आरबीआई ने दो हजार के नोट की छपाई पांच माह पहले ही रोक दी थी और अब जोर छोटे नोटों पर है।

इस बीच सूचना के अधिकार (आरटीआई) से जो जवाब मिला है इससे 2000 रुपये के नोट को बंद करने की चर्चाओं को बल मिल रहा है। दरअसल मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आरटीआई से खुलासा हुआ है कि केंद्र सरकार के उपक्रम के रूप में काम कर रही बैंक नोट प्रेस सिक्योरिटी प्रिटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एसपीएमसीआईएल) को आरबीआई द्वारा 2000 रुपये के नोट छापने के लिए कोई मांग पत्र नहीं भेजा गया है।

जवाब में बताया गया है कि वर्तमान में एसपीएमसीआईएल के अधिन प्रेसों में 500 रुपये के नए नोट और इससे कम मूल्य के नोटों (2 रुपये और 5 रुपये को छोड़कर) का मुद्रण हो रहा है। जबकि दो हजार के नोटों की छपाई के लिए आरबीआई द्वारा कोई पत्र नहीं भेजा गया है। इससे एक बात तो साफ कि आप एक बार फिर नोटबंदी के लिए तैयार रहिए।

दीवाली पर ATM में नहीं भरे 2000 के नोट

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दिवाली से पूर्व बैंकों को निर्देश मिला था कि काउंटर और एटीएम में कम से कम 2000 रुपये के नोट प्रयोग किए जाएं। निर्देश का असर रहा कि दिवाली पर बैंकों ने अपने एटीएम में 500 और 100 रुपये के नोट ही भरवाए। जबकि 2000 रुपये के नोट चुनिंदा बैंकों के एटीएम से ही निकले। ज्यादातर बैंकों के एटीएम में 500 रुपये के नए नोटों की ही निकासी हुई।

 

 

 

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