भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) गोवा के बाद अब मणिपुर में भी सरकार बनाने जा रही है। मणिपुर की राज्यपाल नजमा हेपतुल्लाह ने बीजेपी नेता एन. बीरेन सिंह को सरकार बनाने को न्योता दिया है। पार्टी ने राज्य में किसी तरह बहुमत का जुगाड़ कर लिया है और आज(15 मार्च) करीब 1 बजे बीरेन सिंह राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। उनके शपथ लेने के बाद ही पहली बार होगा की उत्तर-पूर्व के किसी राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी।
60 सदस्यीय सदन वाले मणिपुर के विधानसभा चुनावों में भाजपा को 21 सीटें हासिल हुईं है, जबकि कांग्रेस ने उससे 7 सीटें अधिक यानी 28 सीटों पर जीत दर्ज की। लेकिन बीजेपी ने 60-सदस्यीय विधानसभा में 33 विधायकों के समर्थन का दावा किया है। भाजपा ने किसी तरह एनपीपी के 4, एमपीएफ के 4, एलजेपी के 1 और दो अन्य विधायकों को अपनी तरफ कर लिया, जिसके बाद उसके पास बहुमत हो आ गया।
वहीं, नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) ने मणिपुर में पहली सरकार बनाने जा रही भाजपा के राज्य अध्यक्ष को पत्र लिखकर अपने चार विधायकों के साथ चार अन्य नगा विधायकों के लिए मंत्री पद और दूसरे अहम विभागों की मांग की है। एनपीएफ की मणिपुर इकाई के अध्यक्ष अवांगबंग न्यूमई ने पत्र में कहा है कि ‘एनपीएफ की मणिपुर इकाई की 13 मार्च की बैठक में पारित प्रस्ताव के अनुसार पार्टी के चारों विधायकों को मंत्रिपरिषद में शामिल किया जाना चाहिए।’
पार्टी ने एल. दइको के लिए कैबिनेट में जगह मांगी है। पार्टी ने अवांगबंग न्यूमई के लिए पहाड़ी एवं जनजातीय विकास, लघु सिंचाई एवं निर्माण विभाग के साथ संसदीय सचिव, खासिम वशुम के लिए योजना एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग का प्रभारी संसदीय सचिव, के. लीशियो के लिए सिंचाई एवं खाद्य नियंत्रण एवं ग्रामीण विकास का प्रभारी संसदीय सचिव का पद भी मांगा है। भाजपा के लिए एनपीएफ के चारों विधायकों का समर्थन काफी महत्वपूर्ण है।