‘आज मुकुल रॉय को दिव्य ज्ञान मिल गया और भाजपा में शामिल होते ही गंगाजल की तरह पवित्र हो गए’

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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व नेता मुकुल रॉय शुक्रवार (3 नवंबर) को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गए। उन्होंने केंद्रीय विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद और बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीज की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली। बता दें कि मुकुल रॉय का नाम शारदा चिटफंड घोटाले में आ चुका है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक शुरुआत में आरएसएस को बीजेपी में उन्हें शामिल करने पर ऐतराज था। बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद मुकुल रॉय ने पार्टी मुख्यालय में कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में काम करने का मौका मिला है। इस अवसर पर मंच पर मौजूद प्रसाद ने कहा कि मुकुल रॉय के अनुभव का पार्टी को लाभ मिलेगा।

प्रसाद ने कहा कि मुकुल रॉय तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्य रहे हैं और उन्होंने तृणमूल कांग्रेस को सत्ता में पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। राय ने प्रभावशाली तरीके से माकपा के 30 वर्षो के शासन के दौरान जारी ज्यादती के खिलाफ संघर्ष किया और उस समय माकपा के आतंक को समाप्त करने में हिम्मत से लड़े।

उन्होंने कहा कि बीजेपी का विस्तार हो रहा है और हमारा क्षेत्र बढ़ रहा है। आज देश में 13 राज्यों में हमारी पार्टी के मुख्यमंत्री हैं और पांच राज्यो में हमारे उपमुख्यमंत्री हैं। केंद्र में हमारी सरकार है। मुकुल राय जैसे बड़े और अनुभवी नेता के बीजेपी में शामिल होने का हमें लाभ मिलेगा। मुकुल राय के बीजेपी में आने से संगठन के विस्तार में मदद मिलेगी और बंगाल में हमारा विस्तार होगा।

बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मिलकर टीएमसी की स्थापना करने वालों में शामिल रहे मुकुल रॉय यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं। मुकुल रॉय के बीजेपी में शामिल होने की अटकलें काफी दिनों से चल रही थी। पिछले माह ही राज्यसभा से उनका इस्तीफा मंजूर किया गया था। राय ने 11 अक्तूबर को राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू से मुलाकात कर उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा था।

इस अवसर पर मुकुल रॉय ने कहा कि मेरा पूरा विश्वास है कि बीजेपी के समर्थन के बिना तृणमूल कांग्रेस बंगाल में सत्ता में नहीं पहुंच सकती थी। 1998 में वह बीजेपी के साथ मिलकर लोकसभा का चुनाव लड़ी, 1999 में तृणमूल राजग की सहयोगी बनकर चुनाव लड़ी और ममता जी वाजपेयी सरकार में मंत्री भी बनी। उन्होंने कहा कि बीजेपी सांप्रदायिक नहीं बल्कि धर्मनिरपेक्ष ताकत है और आने वाले समय में वह बंगाल में सत्ता में आएगी।

‘भाजपा में शामिल होते ही गंगाजल की तरह पवित्र हो गए’

कभी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी रहे और अब बीजेपी में शामिल हो चुके मुकुल रॉय का नाम भ्रष्टाचार के दो बड़े मामलों में सामने आ चुका है। पहला शारदा घोटाले में उनका नाम आया था। इस मामले में मुकुल से सीबीआई भी पूछताछ कर रही है। वहीं, नारदा स्टिंग ऑपरेशन में भी रॉय का नाम आया था। इस मामले में भी सीबीआई ने मुकुल रॉय सहित दूसरे अन्य नेताओं का नाम एफआईआर में दर्ज किया था।

मुकुल रॉय के बीजेपी में शामिल होने पर सोशल मीडिया भ्रष्टाचार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीखी आलोचना हो रही है। अनुपम पांडे के नाम के एक यूजर्स ने लिखा है, “आज “मुकुल राय” को दिव्य ज्ञान मिल गया और भाजपा में शामिल होते ही गंगाजल की तरह पवित्र हो गए।” इसके अलावा ट्विटर पर काफी बीजेपी की आलोचना कर रहे हैं।

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