अमित शाह बोले- एयर स्ट्राइक में मारे गए 250 से ज्यादा आतंकी, वायुसेना प्रमुख ने BJP अध्यक्ष के दावों को किया खारिज, कांग्रेस ने बोला हमला

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पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में किए गए हवाई हमले में कितने आतंकवादी मारे गए इसे लेकर सियासी गलियारे में अब इस जोरदार चर्चा शुरू हो गई है। विभिन्न भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स में तरह-तरह के आंकड़ों के बाद अब केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने दावा किया कि वायुसेना की एयर स्ट्राइक में करीब 250 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए। शाह ने रविवार को बताया कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने एयर स्ट्राइक में 250 आतंकियों को मार गिराया।

गुजरात के अहमदाबाद में ‘लक्ष्य जीतो’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने पिछले पांच साल में दो बड़ी आतंकी स्ट्राइक का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों में उरी और पुलवामा में दो बड़ी घटनाएं हुईं। उरी हमले के बाद हमारी सेना ने पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की और हमारे जवानों की शहादत का बदला लिया। पुलवामा हमले के बाद हर कोई सोच रहा था कि इस बार सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हो सकती। अब क्या होगा? उस वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने हमले के बाद 13वें दिन एयर स्ट्राइक की और 250 आतंकियों को मार गिराया।

शाह ने इसके साथ ही सूरत में सशस्त्र बलों के साहस पर ‘शक’ करने और भारतीय वायु सेना के हवाई हमले का सबूत मांगने पर रविवार को विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा और कहा कि उनके ऐसे बयान पाकिस्तान के चेहरे पर ‘मुकुराहट’ लाए। शाह ने कहा कि अगर ये पार्टियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले के जरिए हासिल की गई उपलब्धि की प्रशंसा नहीं कर सकतीं तो उन्हें ‘चुप रहना’ चाहिए। बता दें कि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कथित तौर पर भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में की गई एयर स्ट्राइक के सबूत जारी किए जाने की मांग की थी।

अमित शाह के दावों को वायुसेना ने किया खारिज

अमित शाह के दावों को लेकर सोमवार (4 मार्च) को उस वक्त नया मोड़ आ गया जब खुद भारतीय वायुसेना प्रेस कॉन्फेंस कर बीजेपी अध्यक्ष के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। वायुसेना प्रमुख बी एस धनोआ ने सोमवार को कहा कि वायुसेना मरने वालों की गिनती नहीं करती और बालाकोट आतंकी शिविर पर हवाई हमले में हताहत लोगों की संख्या की जानकारी सरकार देगी। उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मरने वालों की संख्या लक्षित ठिकाने में मौजूद लोगों की संख्या पर निर्भर करती है।

पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े शिविर पर 26 फरवरी को भारत द्वारा किए गए हवाई हमले के बाद पहली बार पत्रकारों से बात करते हुए वायुसेना प्रमुख ने कहा कि राफेल लड़ाकू विमान को सितंबर तक भारत के शस्त्र भंडार में आ जाना चाहिए। धनोआ ने कहा कि जब शत्रु हमला करता है तो जवाब देने के लिए हर मौजूद विमान का इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी विमान का मुकाबला करने के लिए इस्तेमाल किया गया मिग-21 विमान आधुनिक हथियार प्रणाली से लैस एक उन्नत विमान था।

विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान का जिक्र करते हुए धनोआ ने कहा कि वह राजनीति पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते लेकिन अधिकारी की स्वदेश वापसी से खुश हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तानी सेना ने 27 फरवरी को अभिनंदन को तब हिरासत में ले लिया था, जब पाकिस्तान के एफ-16 विमान को मार गिराने के बाद उनका मिग-21 भी गिर पड़ा और वह पैराशूट के जरिए पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में उतर गए थे।

अभिनंदन के भविष्य में फिर लड़ाकू विमान उड़ाने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘हम किसी पायलट के स्वास्थ्य को लेकर कोई समझौता नहीं करते।’’ उन्होंने कहा कि अगर अभिनंदन स्वस्थ होंगे तो विमान उड़ाएंगे। धनोआ ने कहा कि विंग कमांडर अभिनंदन को हर आवश्यक चिकित्सा मुहैया कराई जाएगी। बता दें कि पाकिस्तान ने अभिनंदन को गत शुक्रवार को रिहा कर दिया था।

विपक्ष ने शाह के दावों पर उठाए सवाल

अमित शाह के बयान पर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब वायुसेना के अधिकारियों ने किसी भी तरह के आंकड़े को बताने से इनकार किया था, तो फिर अमित शाह इस तरह का बयान क्यों दे रहे हैं, क्या ये एयरस्ट्राइक को राजनीति से जोड़ना नहीं हुआ? कांग्रेस नेता ने ट्वीट कर लिखा है  कि एयरफोर्स के सीनियर अधिकारी आरजीके कपूर ने कहा था कि आतंकियों की मौत का कोई आंकड़ा देना जल्दबाजी होगी, लेकिन अमित शाह कह रहे हैं कि एयर स्ट्राइक में 250 आतंकी मारे गए। क्या ये एयर स्ट्राइक का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश नहीं है?

बता दें कि एक महत्वपूर्ण बयान में भारतीय वायु सेना ने मंगलवार सुबह पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक के दौरान आतंकियों के मारे जाने की संख्या को लेकर टीवी चैनलों द्वारा किए गए दावों का खंडन किया था। बालाकोट में जैश ए मोहम्मद के ठिकाने को निशाना बनाने से नुकसान के बारे में एक सवाल के जवाब में भारतीय वायु सेना के एबीएम आर जी के कपूर ने कहा था कि हमारे पास साक्ष्य हैं कि जो करना चाहते थे, जो लक्ष्य था, हमने उसे हासिल किया है।

वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा है प्रधानमंत्री को अंतरराष्ट्रीय मीडिया की उन खबरों पर जवाब देना चाहिए जिनमें कहा गया है बालाकोट में भारतीय कार्रवाई में शायद ही किसी की मौत हुई है। सिब्बल ने कहा जब अंतरराष्ट्रीय मीडिया पाक के खिलाफ बोलता है तो आप बड़े खुश होते हैं, लेकिन जब आपसे सवाल किया जाता तो आप उन पर पाकिस्तान परस्ती का आरोप लगाते हैं।

इस बीच केंद्रीय मंत्री एसएस अहलूवालिया ने कहा है कि पाकिस्तान में आतंकी शिविर पर हमले का उद्देश्य मानवीय क्षति पहुंचाना नहीं, बल्कि एक संदेश देना था कि भारत दुश्मन के क्षेत्र में घुसकर प्रहार कर सकता है। सिलिगुड़ी में शनिवार को पत्रकारों से वार्ता में अहलूवालिया ने यह भी कहा कि सरकार ने हवाई हमले के हताहतों पर कोई आंकड़ा नहीं दिया है, भारतीय मीडिया और सोशल मीडिया ही मारे गए आतंकियों की “अपुष्ट आंकड़े” की चर्चा कर रहा है।

बता दें कि तमाम भारतीय अंग्रेजी-हिंदी न्यूज चैनलों ने दावा किया था कि भारतीय जवानों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े शिविर को तबाह कर दिया है, जिसमें 300 से अधिक की संख्या में आतंकवादी और उनके प्रशिक्षक मारे गए। हालांकि, भारत सरकार ने हताहतों के दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं की है।

14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमला हुआ था जिसमें 40 से अधिक जवान शहीद हो गए। इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। इसके बाद भारत सरकार ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कैम्प पर एयर स्ट्राइक करने का दावा किया था, लेकिन भारत की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर अबतक ये नहीं बताया गया कि इस एयर स्ट्राइक में कितने आतंकी मारे गए।

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