मिताली राज को बाहर बैठाने पर भड़कीं मैनेजर, हरमनप्रीत को बताया ‘झूठी’ और ‘चालाक’

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मिताली राज जैसी अनुभवी खिलाड़ी को अहम मुकाबले से बाहर रखने का फैसले के कारण भले ही भारत को आईसीसी महिला विश्व टी20 सेमीफाइनल में इंग्लैंड से शर्मनाक हार झेलनी पड़ी, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा कि उन्हें इस फैसले पर कोई खेद नहीं क्योंकि इसे टीम के हितों को ध्यान में रखकर लिया गया था। आपको बता दें कि भारतीय बल्लेबाज बुरी तरह नाकाम रही और पूरी टीम 112 रन पर सिमट गई। उसके आखिरी आठ विकेट 24 रन के अंदर गिरे। डगआउट में बैठी मायूस मिताली का चेहरा पूरी कहानी कह रहा था।

File Photo: ©IDI/Getty Images

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर के अनुभवी बल्लेबाज मिताली राज को बाहर रखने की भारतीय क्रिकेट जगत में काफी आलोचना हो रही है। क्रिकेट पंडितों के बाद मिताली राज की मैनेजर अनीशा गुप्ता ने एक ट्वीट के जरिए हरमनप्रीत को आड़े हाथों लिया है और उन्हें ‘अपरिपक्व’, ‘झूठी’ और ‘चालाक’ बताया है। अनीशा ने अपने ट्विट में लिखा है, “दुर्भाग्यवश भारतीय टीम राजनीति में विश्वास करती है न कि खेल में। भारत और आयरलैंड मैच में मिताली राज का अनुभव कितना काम आ सकता था इसको देखने के बाद भी उसने हरमनप्रीत जो ‘अपरिपक्व’, ‘झूठी’ और ‘चालाक’ हैं, को खुश करने के लिए उन्होंने हरमनप्रीत को मन की करने दी।”

हालांकि यह ट्विट एक असत्यापित ट्वीटर आकउंट से आया था। लेकिन वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो ने जब अनीशा से इस बारे में पूछा कि क्या यह उन्हीं का ट्विट हो तो मैनेजर ने हामी भरी और अपने बयान पर कायम रहीं। हालांकि समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक उनका अकाउंट कुछ घंटे बाद डिलीट कर दिया गया। वेबसाइट ने अनीशा के हवाले से लिखा है, “मैं नहीं जानती की अंदर क्या चल रहा है लेकिन चूंकि मैचों का प्रसारण हो रहा है तो हम देख सकते हैं कि कौन प्रदर्शन कर रहा है और कौन नहीं। हम देख सकते हैं कि मिताली के साथ अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी क्या हो रहा है। इसके पीछ काफी गहराई है जिसे देखने की जरूरत है।”

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें अपने ट्विट पर पछतावा है तो उन्होंने कहा, “हो सकता है कि मैं ज्यादा गुस्से में हूं, लेकिन यह बात सही जगह से आई है क्योंकि मैं गलत के साथ खड़ी नहीं रह सकती। जिस तरह का फेवरेटिजम दिखाया जा रहा वो साफ तौर पर जाहिर है।”

हरमनप्रीत ने अपने फैसले का किया बचाव

इस फैसले पर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन और पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने कमेंट्री करते हुए सवाल उठाये लेकिन हरमनप्रीत ने अपने निर्णय का बचाव किया। हरमनप्रीत ने मैच के बाद कहा, ‘‘हमने जो भी फैसला किया वह टीम के हित में किया। कई बार यह सही रहता है और कई बार नहीं। इसका खेद नहीं है। हमारी टीम ने पूरे टूर्नामेंट में जिस तरह से बल्लेबाजी की उस पर मुझे गर्व है।’’

मिताली के स्ट्राइक रेट पर हमेशा सवाल उठाए जाते रहे हैं, लेकिन तानिया भाटिया भी तेजी से रन नहीं बना पा रही थी और वेदा कृष्णमूर्ति अच्छी फार्म में नहीं चल रही थी और ऐसे में एक अनुभवी बल्लेबाज को बाहर रखना भारत पर भारी पड़ गया। हरमनप्रीत ने कहा कि वह ऐसी बल्लेबाज चाहती थी जो मध्यक्रम में बल्लेबाजी कर सके जबकि मिताली पारी का आगाज करती है तथा वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत दर्ज करने वाली टीम में कोई छेड़छाड़ नहीं करना चाहती थी।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने आस्ट्रेलिया के खिलाफ वास्तव में अच्छी बल्लेबाजी की और इसलिए हमने उसी टीम के साथ उतरने का फैसला किया। वह (मिताली) पारी की शुरुआत करती है। हमें किसी ऐसे बल्लेबाज की जरूरत थी जो स्मृति (मंदाना) और और मेरे बाद बल्लेबाजी कर सके। कई बार रणनीति सफल हो जाती है और कई बार नहीं।’’ हरमनप्रीत ने स्वीकार किया कि टीम ने 30 रन कम बनाए। भारतीय कप्तान ने कहा कि उनकी टीम के लिये एक सबक है। भारत को इस मैच में हार का सामना करना पड़ा और उसका पहली बार महिला टी-20 विश्व कप जीतने का सपना टूट गया।

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