मंदसौर गैंगरेप केस: सात वर्षीय दुष्कर्म पीड़ित बच्ची खतरे से बाहर, BJP नेता ने अपने शर्मनाक बयान पर जताया अफसोस

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मध्य प्रदेश के मंदसौर में सामूहिक बलात्कार के दौरान वहशत की शिकार सात वर्षीय स्कूली छात्रा की यहां शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) में सर्जरी के बाद उसकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है। एमवायएच के एक आला अधिकारी ने शनिवार (30 जून) को यह जानकारी दी। पीड़ित बच्ची मंदसौर से करीब 200 किलोमीटर दूर इंदौर के एमवायएच में 27 जून की रात से भर्ती है।

(AP File)

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक एमवायएच के अधीक्षक वीएस पाल ने संवाददाताओं को बताया, “बच्ची की हालत खतरे से बाहर है। उसकी सेहत में लगातार सुधार हो रहा है।” उन्होंने बताया कि पीड़ित बच्ची की सेहत पर एमवायएच के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बराबर नजर रख रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशों पर निजी क्षेत्र के दो बाल शल्य चिकित्सकों की सलाह भी ली जा रही है, ताकि बच्ची के इलाज में कोई कोर-कसर न रहे।

एमवायएच अधीक्षक ने बताया, “हमने बच्ची को अर्द्ध ठोस आहार देना शुरू कर दिया है। बच्ची पूरी तरह होश में है और अपने माता-पिता से बात भी कर रही है।” उन्होंने एक सवाल पर कहा कि बच्ची के माता-पिता ने उनके सामने मरीज को किसी अन्य अस्पताल में स्थानांतरित करने की न तो कोई मांग रखी है, न ही एमवायएच प्रशासन उसे किसी अन्य अस्पताल में भेजने की फिलहाल कोई जरूरत महसूस कर रहा है।

पाल ने कहा, “बच्ची के माता-पिता एमवायएच में अपनी संतान के इलाज से संतुष्ट हैं।” उन्होंने बताया कि सर्जरी के बाद बच्ची के घाव भर रहे हैं और उसे अस्पताल से छुट्टी मिलने में कम से कम दो हफ्ते का समय लगेगा। एमवायएच में बच्ची का इलाज कर रहे एक अन्य डॉक्टर ने बताया कि यौन हमलावरों ने बच्ची के सिर, चेहरे और गर्दन पर धारदार हथियार से हमला किया था।

इसके साथ ही, उसके नाजुक अंगों को भीषण चोट पहुंचायी थी जिसे मेडिकल जुबान में “फोर्थ डिग्री पेरिनियल टियर” कहते हैं। उन्होंने बताया कि यौन हमले में बच्ची के बुरी तरह क्षतिग्रस्त नाजुक अंगों को दुरुस्त करने के लिये उसकी अलग-अलग सर्जरी की गयी है। कॉलोस्टोमी के जरिये उसके मल विसर्जन के लिये अस्थायी तौर पर अलग रास्ता बनाया गया है, जबकि उसके दूसरे नाजुक अंग की भी शल्य चिकित्सा के जरिये मरम्मत की गयी है।

BJP विधायक ने जताया अफसोस

मध्य प्रदेश के मंदसौर में सात वर्षीय स्कूली छात्रा से सामूहिक बलात्कार के मामले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के स्थानीय विधायक सुदर्शन गुप्ता ने अपनी विवादित टिप्पणी को लेकर शनिवार को अफसोस जताया। उन्होंने सामूहिक बलात्कार पीड़ित छात्रा के माता-पिता से शुक्रवार को शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) में मुलाकात के दौरान कथित तौर पर कहा था कि उन्हें क्षेत्रीय बीजेपी सांसद सुधीर गुप्ता को धन्यवाद देना चाहिए, क्योंकि वह उनकी बच्ची के हाल-चाल जानने के लिए खासतौर पर मंदसौर से इंदौर पहुंचे।

बच्ची के परिजनों के सामने बीजेपी विधायक की इस विवादित टिप्पणी के कारण सत्तारूढ़ दल को विपक्ष समेत सोशल मीडिया पर भी फजीहत झेलनी पड़ रही है। बीजेपी विधायक ने एक बयान में कहा, मंदसौर में बच्ची के साथ दुष्कर्म से हम सब दु:खी और व्यथित हैं। इस जघन्य अपराध के खिलाफ हम सब पीड़ित परिवार के साथ हैं। इस प्रकरण में मेरी किसी भी बात से किसी व्यक्ति की भावनाएं आहत हुई हों, तो मैं गहरा दु:ख प्रकट करता हूं। बीजेपी विधायक ने एमवाइएच में इस मुलाकात के दौरान पीड़ित बच्ची के माता-पिता से कथित तौर पर कहा था, ‘माननीय सांसदजी को धन्यवाद दो कि वह शुक्रवार को खासतौर पर आपसे मिलने आए।’

इस मामले में पुलिस ने 24 वर्षीय एक और आरोपी को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पकड़े गए पहले आरोपी इरफान ने पुलिस पूछताछ में बताया कि बालिका से बलात्कार की वारदात में उसके साथ मंदसौर के मदरपुरा का रहने वाला आसिफ भी शामिल था। इसके बाद पुलिस ने इस मामले के दूसरे आरोपी को भी धर दबोचा। मालूम हो कि मंदसौर में 26 जून को छुट्टी के बाद स्कूल के बाहर से तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली सात वर्षीय बच्ची का अपहरण करके उसके साथ बलात्कार करने को बाद उसे जान से मारने की कोशिश में झाड़ियों में फेंक दिया गया था।

सामूहिक बलात्कार पीड़ित बच्ची मंदसौर से करीब 200 किलोमीटर दूर इंदौर के एमवाइएच में 27 जून की रात से भर्ती है। पुलिस ने इस मामले में 27 जून की देर रात को एक आरोपी इरफान को गिरफ्तार कर लिया था। इस बीच राज्य की शिवराज सिंह चौहान सरकार से मिले मुआवजे को ठुकराते हुए पीड़ित पिता ने कहा है कि उन्हें कोई मुआवजा नहीं चाहिए और वह सिर्फ आरोपियों को फांसी पर लटकते देखना चाहते हैं।

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