बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल(राजद) के मुखिया लालू प्रसाद यादव के परिवार वालों की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। लालू प्रसाद यादव और उनके दोनों बेटे तेजस्वी एवं तेजप्रताप के खिलाफ नया मुकदमा दर्ज हुआ है। इस बार उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ये मुकदमा शुक्रवार(11 अगस्त) को पटना सिटी व्यवहार न्यायालय के न्यायिक दंडाधिकारी आशुतोष राय की अदालत में किया गया। लालू और उनके दोनों बेटों पर ये मुकदमा पटना सिटी के जीतू लाल लेन निवासी रामजी योगेश ने किया है।
ख़बरों के मुताबिक, लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे के साथ-साथ अन्य लोगों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। मामले की सुनवाई इसी महीने की 17 तारीख यानि 17 अगस्त को होगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कोर्ट में दायर किये गये मुकदमे के मुताबिक लालू के दोनों बेटों के अलावा ओम प्रकाश यादव, शिवनंदन और विमलेश यादव को इस मामले में अभियुक्त बनाया गया है। मुकदमे के विवरण के मुताबिक परिवादी ने गरीब दस्ता नाम का संगठन बनाकर उसका रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन बाद उसका नाम बदलकर धर्मनिरपेक्ष सेवक संघ कर दिया गया।
मुकदमा दायर करने वाले रामजी योगेश के मुताबिक इस संस्था के संरक्षक लालू प्रसाद और तेज प्रताप को बनाया गया था। रामजी योगेश के मुताबिक इस संस्था को हड़पने के लिए संरक्षकों ने संबंधित विभाग को पत्र लिखकर उसका गलत फायदा उठाया और संपत्ति हड़प ली।