कठुआ गैंगरेप-हत्या मामला: 8 साल की आसिफा के साथ हुई दरिंदगी से सदमे में बॉलीवुड, पीड़िता को इंसाफ के लिए एकजुट सितारों का कैंपेन- ‘हिंदुस्तानी हूं, शर्मिंदा हूं’

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जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में एक नाबालिग मासूम बच्ची के साथ हुए गैंगरेप और हत्या का मामला भारत सहित पूरे विश्व में लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। कठुआ के हीरानगर तहसील के रसाना गांव में इसी साल की शुरूआत में जनवरी महीने में आठ साल की बच्ची आसिफा का अपहरण कर उसके साथ एक मंदिर में सामूहिक दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी जघन्य तरीके से हत्या कर दी गई। बच्ची के साथ दरिंदगी और हत्या के मामले में स्थानीय लोगों समेत अब तमाम बड़ी हस्तियों का भी गुस्सा देखने को मिल रहा है।आठ साल की बच्ची के गैंगरेप और हत्या के तीन महीने बाद इस घटना को लेकर देशभर में हंगामा मचा हुआ है। सिर्फ राजनीतिक पार्टियां ही नहीं, बॉलीवुड सेलिब्रिटीज भी इस घटना का विरोध करते हुए #JusticeforAsifa (आसिफा के लिए न्याय) मुहिम से जुड़े हैं। फिल्मी दुनिया के कलाकार, निर्देशक, गायक और संगीतकार जम्मू एवं कश्मीर के कठुआ जिले में बच्ची के साथ दुष्कर्म के खिलाफ एकजुट हुए। इन्होंने मामले पर सरकार की चुप्पी पर भी हैरानी जताई।शुक्रवार को इस घटना के खिलाफ सोशल मीडिया में एक अलग तरह का अभियान शुरू हो गया। बॉलीवुड सितारों ने कठुआ मामले की तीखी भर्त्सना करते हुए पोस्टर के सतह अपनी तस्वीरें साझा कर रहे हैं।

पोस्टर्स पर लिखा है- मैं हिंदुस्तानी हूं, मैं शर्मिंदा हूं। फरहान अख्तर, अभिषेक बच्चन, जावेद अख्तर, रितेश देशमुख, अभिनेत्री सोनम कपूर, वीर दास, तमन्ना भाटिया, टिस्का चोपड़ा और टेनिस स्टार सानिया मिर्जा समेत कई हस्तियों ने इसे समाज के लिए शर्मनाक करार दिया है और तत्काल न्याय की मांग की है। इसके अलावा प्रियंका चोपड़ा, हुमा कुरैशी, ट्विंकल खन्ना, अनुपम खेर, कमल हासन, करण जौहर, विशाल डडलानी, आयुष्मान खुराना और संजय दत्त जैसी लोकप्रिय हस्तियों ने आठ वर्षीया बच्ची के लिए न्याय की मांग की है।

आपको बता दें कि आरोपपत्र (चार्जशीट) की मानें तो आरोपियों की बर्बरता हैरान करने वाली है। बच्ची को मंदिर में बंधक बनाकर रखा गया था और इस दौरान बच्ची को भूखा रखा गया और नशीली दवाइयां खिलाकर उसका कई बार सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इसके बाद बच्ची की हत्या कर दी गई। चार्जशीट में कहा गया है कि बच्ची के साथ रेप के बाद आरोपियों ने उसे पत्थर से कुचला ताकि वह यह सुनिश्चित कर सकें कि बच्ची की मौत हो चुकी है।

पीड़िता को इंसाफ के लिए सितारों ने आवाज उठाई

इस दर्दनाक मामले में अभिनेता फरहान अख्तर ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए 8 वर्षीय बच्ची के लिए न्याय की मांग की है। अभिनेता ने ट्विटर पर लिखा, “कल्पना कीजिए उस 8 साल की बच्ची के दिमाग में क्या चल रहा होगा, जिसे नशे की हालत में, बंधी बनाकर, कई दिनों तक बलात्कार और फिर हत्या कर दी गई हो। यदि आप उसे आतंक नहीं मानते हैं, तो आप इंसान नहीं हैं। यदि आप उसके लिए न्याय की मांग नहीं करते हैं, तो आप कुछ भी नहीं हैं।”

वहीं, प्रियंका चोपड़ा ने लिखा है कि, “आसिफा जैसे कितने बच्चों की धर्म और राजनीति के चौराहे पर बली दी जाएगी? हमारे जागने से पहले कितने बच्चों को इससे गुजरना पड़ेगा? मैं बहुत निराश हूं, यह त्वरित कार्रवाई का समय है।” कमल हासन ने लिखा, “क्या यह समझने के लिए खुद की बेटी होनी चाहिए? वह मेरी हो सकती थी। मैं पुरुष, पिता और नागरिक होने के नाते गुस्से में हूं। मेरी बच्ची मुझे खेद है कि मैं तुम्हारे लिए देश सुरक्षित नहीं बना पाया। मैं भविष्य में आपके जैसे बच्चों के न्याय के लिए लडूंगा। हम कभी नहीं भूलेंगे।”

ट्विंकल खन्ना ने लिखा, “मैंने इसे एक मां की तरह देखा और यह दिल दहला देने वाला है। एक महिला होने के नाते मैं गुस्से में हैं और एक नागरिक होने के नाते मैं पूरी तरह शर्मिदा हूं।” जबकि करण जौहर ने ट्वीट किया, “अमानवीय! भयावह! न्याय होना चाहिए! आसिफा।” अनुपम खेर ने लिखा है, “शोक, दुखी और गुस्सा! माफ करना, आसिफा।” संजय दत्त ने लिखा, “हम एक समाज के रूप में नाकाम रहे हैं! एक पिता होने के नाते, मैं हिल गया हूं और एक आठ साल की बच्ची के बारे में पढ़कर गुस्से में हूं। मेरा दिल आसिफा के परिवार के साथ है, मैं इसके पूरी तरह खिलाफ हूं।”

जबकि वरुण धवन ने लिखा, “हमें इस बच्ची को न्याय दिलाने के लिए लड़ना होगा। हम इस तरह की चीजों को अनुमति नहीं दे सकते, आसिफा भारत की बेटी थी। हमें आसिफा के लिए न्याय की जरूरत है।” आयुष्मान खुराना खिलते हैं “जाति, रंग, धर्म के बावजूद बच्चे केवल प्यार के हकदार हैं और एक बलात्कारी को केवल जाति, रंग, धर्म के बारे में सोचे बिना सजा मिलनी चाहिए। आसिफा।”

देखिए, सितारों की प्रतिक्रियाएं:-

https://twitter.com/dan1shaslam/status/984668692607889408?ref_src=twsrc%5Etfw&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.firstpost.com%2Fentertainment%2Fkathua-rape-case-kalki-koechlin-swara-bhaskar-richa-chadha-campaign-for-justiceforasifa-4430169.html&tfw_site=firstpost

https://twitter.com/minimathur/status/984665822189699072

क्या है पूरा मामला?

अदालत में दाखिल आरोपपत्र के मुताबिक पीड़िता के पिता ने 12 जनवरी 2018 को हीरानगर पुलिस स्टेशन में अपने बच्ची के लापता होने के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी आठ वर्षीय बच्ची 10 जनवरी को घोड़ों को चराने के लिए गई, तबसे वापस नहीं लौटी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके बच्ची की तलाश शुरू कर दी। 17 जनवरी को लापता बच्ची का शव जंगल के पास से बरामद किया गया था। 23 जनवरी को राज्य सरकार ने मामले की जांच अपराध शाखा को सौंप दी थी।

मासूम बच्ची से रेप और हत्या के मामले में अभी तक 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिसमें 2 स्पेशल पुलिस अफसर, एक हेड कांस्टेबल, एक सब इंस्पेक्टर, एक कठुआ निवासी और एक नाबालिग शामिल हैं। फोरेंसिक जांच में ये बात साबित हो चुकी है कि हत्या के पहले उसे एक धर्मस्थल के अंदर एक हफ्ते तक टार्चर किया गया। इसके बाद से ही इलाके में राजनीतिक उथल पुथल मची हुई है।

हेड कॉन्सटेबल पर सबूत नष्ट करने का आरोप है। जांच में पता चला है कि एक पुलिस कर्मी ने बच्ची की हत्या से पहले उसके साथ दोबारा बलात्कार किया था। ऐसी बाते सामने आने के बाद लोगों में गुस्से की भावना उमड़ पड़ी है। वहीं इस पूरे मामले में आरोपियों को बचाने के लिए हिंदू संगठन के लोग सामने आ गए हैं और बकायदा एक मोर्चा बन गया है, जो आरोपियों को बचाने के लिए लड़ाई लड़ रहा है।

चार्जशीट दाखिल होने के बाद मचा हंगामा

जनवरी में घटित हुए इस अपराध पर अब हंगामा होने का मुख्य कारण पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट है। अदालत में दाखिल आरोपपत्र के मुताबिक बच्ची को अगवा करके एक मंदिर परिसर में रखा गया था। वहां उसके साथ एक सप्ताह तक बार-बार नशा दिया गया और उसके साथ कई बार गैंगरेप किया गया। 8 साल की आसिफा सात दिन तक भूख से तड़पती, नशीली दवाओं से सुन्न पड़ी रही। कई दिनों तक उसके साथ कई बार गैंगरेप हुआ। पहले दुपट्टे से उसका गला घोंटा गया और अंत में सिर पर पत्थर मारकर हत्या कर दी गई। यह दिल दहला देने वाली घटना एक मंदिर में हुई।

यह मामला यही नहीं खत्म होती है। गैंगरेप का मास्टरमाइंड उसी धार्मिक स्थल का केयरटेकर है जो की राजस्व अधिकारी रह चुका है। उसने अपने बेटे और भतीजे को इस जघन्य घटना में शामिल किया और धीरे-धीरे पुलिस भी इसमें शामिल हो गई। इतना ही नहीं इस सामूहिक बलात्कार मामले में जम्मू-कश्मीर का एक स्पेशल पुलिस अधिकारी भी शामिल है। चार्जशीट के मुताबिक, मासूम का सिर पत्थर से कुचले जाने से ठीक पहले पुलिस अधिकारियों में से एक ने हत्यारे से कुछ देर रुकने के लिए कहा, ताकि वह एक बार और बच्ची के साथ रेप कर सके। बलात्कारियों में से एक को उत्तर प्रदेश के मेरठ से खासतौर से बुलाया गया था, ताकि वह अपनी ‘हवस पूरी कर सके।

सोची समझी रणनीति के तहत किया रेप और हत्या

दरअसल चार्जशीट में जम्मू कश्मीर पुलिस ने कहा है कि मासूम बच्ची का अपहरण, बलात्कार और उसकी हत्या एक सोची समझी रणनीति के तहत की गई थी। मुख्य अभियुक्त संजीराम ने इस अपराध की साजिश रची थी, ताकि बखेरवाल बंजारा समुदाय के लोगों में डर पैदा किया जा सके और उन्हें रसाना क्षेत्र से खदेड़ा जा सके। मुख्य आरोपी संजी राम ने बकरवाल समुदाय के खिलाफ जानवरों को चराने के लिए जमीन नहीं देने के लिए हिंदुओं को उकसाया था।

चार्जशीट में कहा गया है कि तहसील में हिंदू समुदाय के बीच आम धारणा थी कि बकरवाल गाय की हत्या और नशीले पदार्थों की तस्करी करने में लगे हैं। इससे उनके समुदाय के लोग नशे के शिकार हो रहे हैं। आरोप पत्र में कहा गया कि इसके चलते हिंदू बकरवाल समुदाय के लोगों को धमकाते थे। संजी राम दोनों समुदायों के बीच समझौते के खिलाफ था। वह हिंदुओं से कहता था कि बकरवाल समुदाय को भगाने के लिए एक रणनीति तैयार करें। इलाके में दोनों समुदायों के बीच तनाव की वजह से एफआईआर दर्ज कराने के मामले तेजी से बढ़े हैं।

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