उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉक्टर आरती लालचंदानी का विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उनपर गाज गिर गई है। डॉक्टर आरती लालचंदानी का तबादला झांसी मेडीकल कॉलेज कर दिया गया है। बता दें कि, एक स्टिंग वीडियो में वो तब्लीगी जमातियों एवं समुदाय विशेष पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए पकड़ी गई थी।
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, आरती लालचंदानी के तबादले पर गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुहर लगा दी है। शासन से आदेश की प्रति महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (डीजीएमई) को मिल गई है। आरती लालचंदानी को रानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज झांसी की प्रिंसिपल बनाई गई है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल पद की जिम्मेदारी प्रो. आरबी कमल को दी गई है।
वहीं, इस ख़बर को लेकर जब ‘जनता का रिपोर्ट’ ने डॉक्टर आरती लालचंदानी से संपर्क करने की कोशिश की तो उनसे हमारा संपर्क नहीं हो सका और ना ही जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से हमारा कोई संपर्क हो पाया।
बता दें कि, आरती लालचंदानी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। वीडियो में वह असंवैधानिक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए अल्पसंख्यक समुदाय पर निशाना साधती हैं। साथ ही वह जमातियों को खुलकर आतंकवादी बता रही हैं। आरती लालचंदानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर ‘तुष्टिकरण’ की राजनीति करते हुए तबलीगी जमात के सदस्यों को सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने का आरोप लगाती है। वायरल वीडियो में प्रिंसिपल डॉ. आरती लालचंदानी कुछ लोगों के साथ बातचीत करते हुए देखा जा रहा है, जो पत्रकार लग रहे हैं।
In this viral video, head of Kanpur Medical College is seen making highly objectionable comments about Muslim #covid19 patients. Accuses CM @myogiadityanath of indulging in Muslim appeasement politics. She was the one who had accused Tablighi Jamaar members of spitting last month pic.twitter.com/UhcKBe9A8t
— Rifat Jawaid (@RifatJawaid) May 31, 2020
वीडियो वायरल होने पर आरती लालचंदानी ने नया वीडियो जारी किया है। इसमें वे कहती हैं कि ये घटना 75 दिन पहले की है और इसे बदनीयती से मेरे विरोधियों ने अब जाकर रिलीज किया है। मेरे संपर्क में कई मुस्लिम भाई-बहन और बच्चे हैं, जिन्हें मैंने अपनों की तरह प्यार किया है। उनकी सेवा की है। यहां तक कि तब्लीगी जमात के जिन मरीजों ने हमारे हेल्थ वर्कर्स पर हमला किया था, हमने उनसे भी अच्छे रिश्ते बनाए। उन्होंने कुछ दिनों के भीतर माफी मांग ली थी। हमने भोजन-पानी और दवाओं से उनकी हर तरह से तीमारदारी की। इसके लिए उन्होंने हमारा शुक्रिया भी अदा किया।
आरती लालचंदानी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के वकील अली जैदी ने कानपुर पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और आलोचनाओं का सामना करने के बाद डॉक्टर आरती लालचंदानी ने माफी मांग ली थी। लेकिन उसके बाद भी कई लोगों का कहना है कि केवल माफी ही पर्याप्त नहीं होगी क्योंकि उनके इस बयान से भारत के मुस्लिम समुदाय के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।