कांग्रेस में इस्तीफों का दौर जारी: मिलिंद देवड़ा ने मुंबई पार्टी अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा, तो ज्योतिरादित्य सिंधिया ने छोड़ा महासचिव पद

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लोकसभा चुनाव 2019 में करारी हार के बाद कांग्रेस में बड़े नेताओं के बीच इस्तीफा देने की होड़ जैसी लग गई है। पहले तो पार्टी के किसी भी बड़े नेता ने हार की जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफे की औपचारिक घोषणा के बाद दूसरे नेताओं पर नैतिक दबाव बन गया और उसके बाद से नेताओं का पार्टी में पद छोड़ने का जो सिलसिला शुरू हुआ वह अभी भी जारी है। राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद पार्टी में पद छाेडने की मची होड़ के बीच रविवार को कांग्रेस के दो युवा नेताओं द्वारा अपने-अपने पद से इस्तीफा देने की खबरें सामने आई।

पहले लोकसभा चुनाव में करारी हार की जिम्मेदारी लेते हुए मुंबई पार्टी अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा ने अपने पद से इस्तीफा दिया, उसके कुछ देर बाद ही खबर सामने आई कि कांग्रेस के एक और युवा चेहरे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी चुनाव में मिली हार की जिम्मेदारी लेते हुए कांग्रेस महासचिव के पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि मैंने आज नहीं, बल्कि 8-10 दिन पहले ही तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अपना इस्तीफा सौंप दिया था।

इसके अलावा सिंधिया ने कांग्रेस महासचिव पद से इस्तीफा देने की जानकारी अपने ऑफिशल ट्विटर अकाउंट से भी साझा की। उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया, ‘जनादेश को स्वीकार करते हुए और जिम्मेदारी लेते हुए मैंने ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव पद से अपना इस्तीफा राहुल गांधी को सौंप दिया है। मुझ पर यकीन कर यह जिम्मेदारी देने और पार्टी की सेवा करने का अवसर देने हेतु मैं धन्यवाद देता हूं।’

 

बता दें कि कांग्रेस ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया था। हालांकि, तमाम दांव खेलने के बावजूद कांग्रेस को निराशा ही हाथ लगी। यूपी से कांग्रेस महज एक सीट (रायबरेली से सोनिया गांधी) पर ही जीत दर्ज कर पाई। ज्योतिरादित्य सिंधिया खुद इस बार लोकसभा का चुनाव हार गए हैं। हार के आंकड़ों को देखने के बाद राहुल गांधी ने कई दिग्गज नेताओं की कार्यशैली पर सवाल भी खड़े किए थे।

मिलिंद देवड़ा ने भी दिया इस्तीफा

वहीं, मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा ने भी अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा करने के बाद एक बयान जारी किया और कहा कि उन्होंने कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल तथा पार्टी के प्रदेश प्रभारी मल्लिकार्जुन खडगे को अपने इस्तीफे की सूचना भेज दी है। राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के मुद्देनजर पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने तथा चुनाव से पहले किसी तरह का कोई संकट पैदा नहीं हो इसको ध्यान में रखते हुए उन्होंने पार्टी के संचालन के लिए तीन वरिष्ठ नेताओं का एक पैनल गठित करने का भी प्रस्ताव किया है।

समाचार एजेंसी यूएनआई के मुताबिक, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के लिए भारतीय जनता पार्टी तथा शिवसेना गठबंधन के अलावा प्रकाश अबेडकर के नेतृत्व वाली वंचित अगाड़ी भी एक बडी चुनौती है। उन्होंने कहा कि वह प्रदेश की राजनीति के बजाय अब राष्ट्रीय स्तर की राजनीति करना चाहते हैं, इसलिए उनहोंने पद से इस्तीफा दिया है। देवडा ने पिछले माह 26 जून को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात के बाद पद से इस्तीफा देने की इच्छा व्यक्त की थी।

बता दें कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार हुई थी। इन चुनावों में सबसे खास बात थी कि कांग्रेस के दिग्गज नेता भी अपनी सीट हार गए थे। कांग्रेस सिर्फ 52 सीटें जीत पाई है जबकि सत्ताधारी भाजपा ने 303 सीटों के साथ सत्ता में दोबारा वापसी की। राहुल गांधी ने भी कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।

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