जस्टिस दीपक मिश्रा होंगे देश के 45वें मुख्य न्यायाधीश, जानिए उनके बारे में कुछ खास बातें

0

केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति की मुहर के साथ घोषणा की है, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपक मिश्रा देश के 45वें चीफ जस्टिस होंगे। दीपक मिश्रा प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर की जगह लेंगे जो 27 अगस्त को रिटायर हो रहे हैं, इसके बाद जस्टिस दीपक मिश्रा प्रधान न्यायाधीश का पद संभालेंगे। मिश्रा करीब 14 महीने चीफ जस्टिस के पद पर रहेंगे।

दीपक मिश्रा
फाइल फोटो- सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपक मिश्रा

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस वक्त सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा के नाम कई ऐतिहासिक जजमेंट हैं। इनमें याकूब मेमन की रातभर पर सुनवाई के बाद फांसी की सजा बरकरार रखने, निर्भया के दोषियों को फांसी की सजा सुनाने के अलावा कई बड़े फैसले हैं। जस्टिस मिश्रा ने ही देशभर के सिनेमाघरों में राष्ट्रीय गान के आदेश जारी किए थे।

यहां तक कि BCCI में सुधार, NEET और सुब्रत राय सहारा सेबी विवाद को भी उनकी ही बेंच सुन रही है। 11 अगस्त को होने वाली राम जन्मभूमि विवाद की सुनवाई के लिए बनाई गई स्पेशल बेंच की वे अगुवाई कर रहे हैं।

ओडिशा के रहने वाले जस्टिस मिश्रा का जन्म 3 अक्टूबर 1953 को हुआ था। वह 28 अगस्त को भारत के 45वें प्रधान न्यायाधीश का पदभार ग्रहण करेंगे, उनका कार्यकाल अक्टूबर 2018 तक रहेगा। जस्टिस दीपक मिश्रा ने 1977 में ओडिशा हाईकोर्ट से बतौर वकील करियर की शुरुआत की थी।

इसके बाद 1996 में वह ओडिशा हाईकोर्ट के जज बने। इसके बाद वर्ष 2009 में जस्टिस दीपक मिश्रा ने पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का पदभार संभाला था। 2009 में तत्कालिन राज्यपाल देवानंद कुंवर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई थी।

भारत के मुख्य न्यायाधीश बनने वाले वह ओडिशा की तीसरे जज होंगे। उनसे पहले ओडिशा से ताल्लुक रखने वाले जस्टिस रंगनाथ मिश्रा और जीबी पटनायक भी इस पद को संभाल चुके हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here