पत्रकार के हत्यारे ने तिहाड़ जेल के अंदर से रची करोड़ों की फिरौती वसूलने की साजिश, जेल में बंद दो बदमाशों समेत आठ गिरफ्तार

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देश की राजधानी दिल्ली की मध्य जिला पुलिस ने तिहाड़ जेल के अंदर से ही 2.5 करोड़ रुपये की फिरौती वसूलने की कोशिश में जुटे गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए आठ में से दो बदमाश पहले से ही तिहाड़ जेल में सजा काट रहे हैं।

तिहाड़ जेल
फाइल फोटो

तिहाड़ जेल से गिरफ्तार करके लाए गए बदमाशों में अमित शुक्ला उर्फ गोल्डी (42) पत्रकार सौम्या विश्वनाथन हत्याकांड का सजायाफ्ता मुजरिम है। जबकि दूसरा बदमाश नवीन डबास हरियाणा में सोनीपत से जुड़े एक मामले में तिहाड़ जेल में बंद है। ढाई करोड़ रुपये की वसूली की जड़ में प्रमुख वजह व्यवसायिक रंजिश निकलकर सामने आई है। आरोपाी राजिंदर नगर में एक बैंक्विट हॉल बिजनेसमैन से 2.5 करोड़ की रंगदारी की मांग कर रहे थे।

समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य दिल्ली जिला उपायुक्त (डीसीपी) संजय भाटिया ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार बदमाशों का नाम अमित शुक्ला, नवीन डबास उर्फ बाली उर्फ टाइम पास (30), वरुण वशिष्ठ उर्फ पंडित जी (23), लाखन उर्फ लखन वर्मा (23), सुशील उर्फ सिल्लू (27), नितेश उर्फ फंटूश (25), अंकित (23) और अभय अरोड़ा (27) है। ढाई करोड़ की वसूली का षडयंत्र रचने का मुख्य सूत्रधार अभय अरोड़ा ही है। उन्होंने बताया कि बदमाशों के पास से वारदात में इस्तेमाल कई मोबाइल फोन, स्कूटी, रिवाल्वर, कारतूस आदि भी जब्त कर लिए गए हैं।

डीसीपी ने बताया कि इन सबके खिलाफ मध्य जिले के थाना राजेंद्र नगर में एक मामला 23 फरवरी 2020 को दर्ज किया गया था। दरअसल, सर गंगा राम अस्पताल से 23 फरवरी को पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई थी। सूचना के मुताबिक अस्पताल ने दो एमएलसी रिपोर्ट बनाई थीं। मौके पर पहुंची पुलिस टीम को राजेंद्र नगर में एक मकान के दरवाजे पर कारतूस के तीन खोखे मिले। अस्पताल में दाखिल कराए गए घायलों को भी गोली लगने की बात डॉक्टरों ने ही पुलिस को बताई थी।

शिकायतकर्ता ने जो पुलिस को बताया, उसे साझा करते हुए उपायुक्त संजय भाटिया के मुताबिक, “उससे कई दिनों से व्हाट्सएप मैसेज और कॉल करके ढाई करोड़ रुपये की मांग की जा रही थी। उन धमकियों को शिकायतकर्ता ने हल्के में लिया। इसके बाद 23 फरवरी 2020 को स्कूटी सवार दो बदमाशों ने शिकायतकर्ता के घर के दरवाजे में कई फायर किए और भाग गए। बदमाशों ने फायरिंग का वीडियो बनाकर पीड़ित के व्हाट्सएप पर भेज दिया। बदमाशों द्वारा की गई फायरिंग में एक गोली 12 साल के बच्चे को भी लगी थी।”

सरेआम घर के दरवाजे पर गोलियां चलाने और बच्चे के घायल होने से पुलिस सतर्क हो गई। मामले की जांच के लिए एसएचओ राजेंद्र नगर इंस्पेक्टर सतेंद्र मोहन और एसीपी करोल बाग के नेतृत्व में सब-इंस्पेक्टर रनवीर सिंह, अली अकरम, एएसआई कन्हैया लाल, सिपाही सांवरमल की टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस टीम का ध्यान सबसे पहले बदमाश नवीन डबास और अमित शुक्ला पर जाकर केंद्रित हुआ।

छानबीन में पता चला कि दोनों ही खूंखार बदमाश हैं। इस वक्त अमित शुक्ला तिहाड़ जेल में बंद है। पीड़ित व्यापारी से बातचीत से पुलिस को अंदाजा लगा कि ढाई करोड़ की फिरौती वसूलने के पीछे व्यावसायिक रंजिश प्रमुख वजह है। लिहाजा पुलिस ने पीड़ित के पूर्व बिजनेस पार्टनर अभय अरोड़ा को रडार पर ले लिया। पालम विहार से पकड़े गए अभय अरोड़ा ने पुलिस के सामने षडयंत्र का खुलासा कर दिया।

पुलिस के मुताबिक, “ढाई करोड़ रुपये साथी बिजनेस पार्टनर से वसूलने की योजना अभय अरोड़ा ने ही बनाई थी। इस काम को अंजाम तक पहुंचाने का जिम्मा उसने साले सुशील उर्फ सिल्लू को दिया। सिल्लू दिल्ली के पुल प्रहलादपुर थाने का घोषित बदमाश है, वो कई बार जेल भी जा चुका है। सिल्लू के संबंध दिल्ली के कुख्यात बबानिया गैंग से भी हैं। इस षडयंत्र में शामिल लखन वर्मा को पुलिस ने विकासपुरी से पकड़ लिया, जबकि सिल्लू जंगपुरा इलाके में पुलिस को मिल गया।”

ढाई करोड़ की फिरौती वसूलने के लिए बदमाश सिल्लू ने तिहाड़ जेल में बंद अमित शुक्ला से संपर्क साधा। उसका जबाब ‘हां’ में मिलते ही योजना को अंजाम तक पहुंचाने का काम शुरू हो गया। उसके बाद ही सिल्लू और पंडित ने ‘शिकार’ को डराने के लिए उसके घर के दरवाजे में कई गोलियां जाकर झोंक दीं थीं। उसके बाद उस डरावनी घटना का वीडियो भी पीड़ित को काबू करने के लिए उसके व्हाट्सएप पर भेज दिया। फिलहाल सभी आठ बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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