आईएसआई से संबंध के शक में सैनिक गिरफ्तार

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पाकिस्तान की जासूसी के शक में हिरासत में लिए गए एक सैनिक को दिल्ली पुलिस ने पश्चिम बंगाल के दार्जीलिंग में रविवार को गिरफ्तार कर लिया।

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने आईएएनएस को बताया, “जम्मू एवं कश्मीर लाइट इंफैंट्री के राइफलमैन फरीद खान को सेना ने कुछ दिन पहले हिरासत में लिया था। उसके पास से कुछ संदिग्ध दस्तावेज मिले थे। उसे आज (रविवार को) पुलिस को सौंप दिया गया।”

फरीद खान उर्फ सर्जन बीते कुछ हफ्तों से पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी में तैनात था।

दिल्ली में एक पुलिस सूत्र ने बताया, “वह 2014 में आईएसआई (पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी) एजेंट कैफेतुल्ला के संपर्क में आया था। साबर नाम के एक स्कूल अध्यापक ने उसे कैफेतुल्ला से मिलाया था।”

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा द्वारा 2 दिसंबर को किए गए अनुरोध पर फरीद को सेना ने सिलिगुड़ी में हिरासत में लिया था।

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के हेड कांस्टेबल अब्दुल रशीद और लाइब्रेरी सहायक कैफेतुल्ला खान उर्फ मास्टर राजा (44) को भारत की सुरक्षा से संबंधित सूचनाओं को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को देने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

कैफेतुल्ला को 26 नवंबर को दिल्ली से और अब्दुल रशीद को जम्मू एवं कश्मीर के रजौरी से पकड़ा गया था। कैफेतुल्ला भी रजौरी का रहने वाला है। रशीद रजौरी में बीएसएफ की खुफिया शाखा में काम कर रहा था। वह पैसे के लिए आईएसआई को सूचनाएं दे रहा था।

फरीद से पहले भी हाल ही में पश्चिम बंगाल में संदिग्ध आईएसआई एजेंट पकड़े गए हैं।

राज्य पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने 14 नवंबर को आईएसआई के छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारियां अख्तर खान की गिरफ्तारी के बाद हुईं। एसटीएफ ने इसके बाद अख्तर के भाई जफर, इरशाद अंसारी, अशफाक अंसारी और मोहम्मद जहांगीर को गिरफ्तार किया।

इनके पास से जाली मुद्रा समेत कई फर्जी दस्तावेज मिले थे। इनके पास गार्डेन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स का हाथ से बना नक्शा भी मिला था। यहां भारतीय नौसेना के युद्धपोत बनाए जाते हैं।

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