‘दिल्ली टेस्ट में प्रदूषण के चलते खेल रुक जाता है, लेकिन हमारे नेता फिल्मों की रिलीज और हमारे खान-पान का हिसाब लगाने में लगे हैं’

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भारत और श्रीलंका के बीच दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर खेले जा रहे तीसरे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट के दौरान रविवार (3 दिसंबर) को उस समय शर्मनाक स्थिति पैदा हो गई, जब प्रदूषण के कारण वायु गुणवत्ता खराब होने के कारण कुछ देर के लिए मैच रोकना पड़ा। बाद में नौबत यहां तक आ गई की विराट कोहली को श्रीलंकाई खिलाड़ियों के सहज न होने के कारण पारी घोषित करनी पड़ी।

Photo: AP

श्रीलंका की टीम के अधिकांश खिलाड़ी लंच के बाद मास्क पहनकर उतरे जिसके बाद खराब वायु गुणवत्ता के कारण लगभग 17 मिनट तक खेल रोकना पड़ा। मैच रैफरी डेविड बून ने हालांकि डाक्टर से परामर्श लेने के बाद मैच दोबारा शुरू कराने का फैसला किया। मैच दोबारा शुरू होने पर गेंदबाज और विकेटकीपर को छोड़कर श्रीलंका के सभी खिलाड़ी मास्क पहनकर क्षेत्ररक्षण करते हुए नजर आए।

गौतम गंभीर ने नेताओं पर निकाली भड़ास

प्रदूषण के कारण मैच रोकने को लेकर भारतीय टीम से बाहर चल रहे बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने राजनेताओं पर अपनी भड़ास निकालते हुए नाराजगी व्यक्त की है। गौतम गंभीर ने रविवार (3 दिसंबर) को ट्वीट कर कहा कि, “दिल्ली टेस्ट में प्रदूषण के चलते खेल रुक जाता है और श्रीलंकाई खिलाड़ी मास्क पहनने पर मजबूर होते हैं, लेकिन हमारे नेता फिल्मों की रिलीज और हमारे खान-पान का हिसाब लगाने से लेकर दोषारोपण के खेल में लगे हैं।”

आपको बता दें कि इससे पहले भी पिछले साल प्रदूषण के कारण दिल्ली में दो रणजी मैच रद्द करने पड़े थे। गौरतलब है कि दिल्ली को पिछले कुछ समय से प्रदूषण की समस्या का सामना करना पड़ा है। नवंबर में प्रदूषण का स्तर बढने पर दिल्ली सरकार ने स्कूलों को बंद करने की घोषणा भी की थी। पिछले साल भी इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ा था।

‘प्रदूषण के कारण उल्टी कर रहे थे हमारे खिलाड़ी’

प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर चिंता जाहिर करते हुए श्रीलंका के कोच निक पोथास ने कहा कि उन्हें और उनके खिलाड़ियों ने इससे पहले कभी इस तरह की स्थिति का सामना नहीं किया। उन्होंने कहा कि उनके कुछ खिलाड़ियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पोथास ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद संवाददातों से कहा कि, ‘यह किसी से छिपा नहीं है कि दिल्ली में प्रदूषण का स्तर काफी अधिक है और एक समय यह काफी बढ़ गया था। हमारा एक खिलाड़ी मैदान से उलटी करते हुए बाहर आया। ड्रेसिंग रूम में ऑक्सीजन का स्तर कम हो गया था।’

उन्होंने कहा कि, ‘खिलाड़ियों के लिए इस तरह परेशानी में खेलना सामान्य नहीं है। हमारे लिए यह बिलकुल नई चीज थी। सभी मैच अधिकारी, रैफरी स्थिति से काफी अच्छी तरह निपटे। जब आपको ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ता है जो सभी के लिए नई हो तो फैसला करना आसान नहीं होगा। यह मेरा काम है कि हमारे खिलाड़ी सुरक्षित रहें और हमने ऐसा ही करने का प्रयास किया।’

बार-बार खेल रुकने पर उन्होंने कहा कि, ‘हमें पहली बार इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा है। हम कभी खेल रोकना नहीं चाहते थे। हम तो सिर्फ खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर स्पष्टता चाहते थे। तेज गेंदबाजों को काफी परेशानी हो रही थी और जब यह लगा कि खिलाड़ियों के लिए स्थिति सुरक्षित नहीं है तो अंपायरों के साथ चर्चा शुरू हुई। खिलाड़ियों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोच्च है।’

 

 

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