जज विवाद: CJI के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले 4 जजों में से एक जस्टिस चेलमेश्‍वर की इस टिप्पणी से लगता है सुप्रीम कोर्ट में अभी भी सब ठीक नहीं चल रहा

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पिछले दिनों हुए जज विवाद के बाद लगता है अभी भी सुप्रीम कोर्ट में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। दरअसल, जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) दीपक मिश्रा के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों में से एक जस्टिस चेलमेश्‍वर ने एक बार फिर स्वतंत्र न्यायपालिका को लेकर बड़ा दिया है। चीफ जस्टिस के कामकाज के प्रति असंतोष प्रकट कर सवाल उठाने वाले जस्टिस चेलमेश्वर ने सोमवार (22 जनवरी) को उदार लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र न्यायपालिका की जरूरत पर बल दिया।

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नवभारत टाइम्स के मुताबिक, दिल्ली में एक सभा में बोलते हुए सुप्रीम कोर्ट के सबसे सीनियर जजों में से एक चेलमेश्वर ने कहा कि, ‘लोकतंत्र तभी जीवित रह सकता है, जब न्यायपालिका निष्पक्ष और स्वतंत्र होगी।’ ‘सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया: द बिगनिंग्स’ नाम की किताब का विमोचन करते हुए वरिष्ठ जज ने कहा कि, ‘विद्वान न्यायपालिका के कामकाज का अध्ययन उत्सुकतावश करते हैं, लेकिन जो लोग इसका हिस्सा होते हैं, उनका इससे कोई न कोई हित-लाभ जुड़ जाता है।’

उन्होंने लोकतंत्र के इस अहम संस्थान पर और गहराई से शोध की आवश्यकता बताई ताकि न्यायपालिका लोगों के हित में ज्यादा कारगर ढंग से काम कर सके। जस्टिस चलमेश्वर ने कहा कि एक संस्थान के तौर पर न्यायपालिका की उपलब्धियों और नाकामियों के बारे में लगातार जांच-परख जारी रहनी चाहिए।

उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि भारत की आबादी का आठवां हिस्सा न्यायपालिका के फैसलों से सीधे प्रभावित होता है, इसलिए यह और भी जरूरी है कि सुप्रीम कोर्ट जैसे संस्थान के बारे में और अध्ययन सामने आएं। इससे यह संस्थान निष्पक्ष और स्वतंत्र रह सकेगा।

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Posted by Janta Ka Reporter on Saturday, 20 January 2018

गौरतलब है कि 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों (जस्टिस जे. चेलमेश्वर, रंजन गोगोई, एम. बी. लोकुर और कुरियन जोसफ) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई मुद्दों को उठाया था, जिनमें अहम और संवेदनशील जनहित याचिकाओं के आवंटन का मुद्दा भी शामिल था। जजों ने सीजेआई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि वह अहम मामलों को ‘पसंद की बेंचों’ में भेज रहे हैं।

 

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