कठुआ गैंगरेप-हत्या मामले पर IMF अध्यक्ष का बयान- ‘PM मोदी को महिलाओं के मुद्दे पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत’

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जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में 8 वर्षीय नाबालिग मासूम बच्ची के साथ हुए गैंगरेप और हत्या के केस ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस बलात्कार और हत्या की आलोचना अब देश में ही नहीं बल्कि देश से बाहर भी हो रही है। इस मामले ने देश को शर्मसार कर दिया है। इस बीच आठ साल की बच्ची से बलात्कार के बाद उसकी जघन्य हत्या को ‘वीभत्स’ करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष(आईएमएफ) की प्रमुख क्रिस्टीन लगार्ड ने गुरुवार को उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सभी भारतीय पदाधिकारी इस पर ज्यादा ध्यान देंगे।

File Photo

लगार्ड ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब जम्मू -कश्मीर के कठुआ और उत्तर प्रदेश के उन्नाव में बलात्कार के मामलों पर देशव्यापी आक्रोश है। समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक आईएमएफ की प्रबंध निदेशक ने कहा, ‘(भारत में) जो कुछ हुआ है वह वीभत्स है। मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शुरू कर सभी भारतीय पदाधिकारी इस पर ज्यादा ध्यान देंगे, क्योंकि भारत में महिलाओं के लिए यह जरूरी है।’

लगार्ड ने कहा, ‘मैं जब पिछली बार दावोस में थी तो प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के बाद मैंने उनसे कहा था कि उन्होंने भारत की महिलाओं का पर्याप्त रूप से जिक्र नहीं किया और सवाल सिर्फ उनके बारे में बातें करने का नहीं है।’ उन्होंने तुरंत स्पष्ट किया कि यह आईएमएफ की नहीं बल्कि उनकी निजी राय है। लगार्ड ने कहा कि, ‘वैसे यह आईएमएफ की आधिकारिक राय नहीं है। यह मेरी राय है।’

दुनिया में शर्मसार हुआ भारत

बता दें कि इससे पहले संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी आठ साल की बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या को ‘भयावह’ बताते हुए दोषियों को कानून के दायरे में लाए जाने की उम्मीद जाहिर की थी। गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने पिछले दिनों बताया था कि उन्होंने घुमंतू बकरवाल समुदाय की बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म की खबरें देखी हैं। उन्होंने कहा कि, ‘हम आशा है कि प्रशासन इस जघन्य अपराध के लिए जिम्मेदार दोषियों को कानून के दायरे में लाएगा।’

क्या है मामला?

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में 8 वर्षीय नाबालिग मासूम बच्ची के साथ हुए गैंगरेप और हत्या के केस ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। साथ ही साथ हर आदमी, सेलेब्रिटी और बच्चियां भी आरोपियों को कठोर सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने आठ साल की लड़की को जनवरी में एक सप्ताह तक कठुआ जिले के एक गांव के मंदिर में बंधक बनाकर रखा गया था और उसे नशीला पदार्थ देकर उसके साथ बार-बार बलात्कार किया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई थी।

आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है जिसके खिलाफ एक पृथक आरोपपत्र दायर किया गया है। अपराध शाखा द्वारा दायर आरोपपत्रों के अनुसार, बकरवाल समुदाय की लड़की का अपहरण, बलात्कार और हत्या एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी ताकि इस अल्पसंख्यक घुमंतू समुदाय को इलाके से हटाया जा सके। इसमें कठुआ के एक छोटे गांव के एक मंदिर के रखरखाव करने वाले को इस अपराध का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है।

सांजी राम ने कथित रूप से विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया और सुरेंद्र वर्मा, मित्र प्रवेश कुमार उर्फ मन्नु, राम के भतीजे एक नाबालिग और उसके बेटे विशाल उर्फ ‘शम्मा’ के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया। आरोपपत्र में जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल तिलक राज और उपनिरीक्षक आनंद दत्ता को भी नामजद किया गया है, जिन्होंने राम से चार लाख रुपये कथित रूप से लेकर महत्वपूर्ण सबूत नष्ट किए।

आरोप पत्र में जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल तिलक राज और उप निरीक्षक आनंद दत्ता का भी नाम है जिन्होंने कथित तौर पर राम से चार लाख रूपये लिये और अहम साक्ष्य नष्ट किये। आठों आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

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