कानपुर मुठभेड़ का मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे कैसे हुआ गिरफ्तार, पढ़ें पूरी कहानी

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उत्तर प्रदेश का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर और कानपुर के चौबेपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने के बाद फरार चल रहा विकास दुबे को गुरुवार की सुबह मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर के अंदर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। विकास दुबे उज्जैन के महाकाल में दर्शन के लिए गया था, तभी वहां के गार्ड ने पहचाना। जिसके बाद वहां की पुलिस एक्शन में आई और उसे वहीं धर लिया।

कानपुर

जानकारी के अनुसार, विकास दुबे गुरुवार की सुबह करीब 8 बजे महाकाल मंदिर दर्शन करने पहुंचा। उसने सुरक्षाकर्मियों को अपने बारे में बताया और उनसे पुलिस को सूचना देने के लिए कहा। एक वायरल हुए फोटो में दुबे को मंदिर परिसर के अंदर एक सोफा में आराम से बैठे देखा जा सकता है। वहीं, एक अन्य तस्वीर में वह मंदिर के बाहर खड़ा दिखाई दे रहा हैं। उत्तर प्रदेश की पुलिस ने आधिकारिक रूप से विकास दुबे की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि कर दी है।

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहीं ये बात

इस बीच, मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने गैंगस्टर विकास दुबे की गिरफ्तारी का क्रेडिट लेने की कोशिश की। मिश्रा ने कहा, “हमारी पुलिस किसी को नहीं छोड़ती। हमारे जाबांज पुलिस जवानों से उसे धर दबोचा।” मंत्री ने कहा कि उसकी गिरफ्तारी और इससे जुड़ी जानकारी पुलिस द्वारा बाद में सार्वजनिक की जाएगी। मिश्रा ने कहा कि खुफिया एजेंसियों ने पुलिस को अलर्ट कर दिया था।

“मैं विकास दुबे हूं, कानपुर वाला”, उज्जैन में पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद जोर से चिल्लाया गैंगस्टर

वहीं, गैंगस्टर विकास दुबे को गिरफ्तार करने के बाद मध्य प्रदेश पुलिस जब उसे थाने ले जाने के लिए गाड़ी के पास ले आई तो वहां मौजूद मीडिया के कैमरे के सामने कबूल करते हुए जोर से चिल्लाया- ”मैं विकास दुबे हूं, कानपुर वाला…”। इसपर वहां मौजूद एक पुलिसकर्मी विकास दुबे को थप्पड़ रसीद कर देता है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

कल फरीदाबाद में देखा गया था गैंगस्टर विकास दुबे

कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विकास दुबे को कल फरीदाबाद में देखा गया था और वह आज पुलिस इनकाउंटर में मारे जाने से बचने के लिए उच्च सुरक्षा वाले महाकाल मंदिर पहुंच गया। बताया जा रहा है कि उसके गैंग के दो सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया है। मध्य प्रदेश पुलिस गैंगस्टर को महाकाल पुलिस स्टेशन ले गई और यूपी पुलिस अब उसे ट्रांजिट रिमांड में लेकर कानपुर लाना चाह रही है।

नहीं की भागने की कोशिश

समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर के अधिकारियों ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बातया कि विकास ने काउंटर पर अपना नाम बताया और डोनेशन के लिए पैसे दिए। उसके बाद उसने पुलिस को सूचित करने के लिए कहा। दुबे ने कहीं भी भागने की कोशिश नहीं की और उसके पास कोई हथियार भी नहीं था।

एक सेवानिवृत्त डीजीपी ने कहा, “यह पूर्वनियोजित सरेंडर था, क्योंकि यह स्पष्ट तौर पर दिख रहा है। विकास ने एक सप्ताह तक तीन राज्यों के पुलिस को चकमा दिया और बिना मास्क के ही मंदिर में खुद की गिरफ्तारी के लिए गया। उसको पता था कि यदि उसने यूपी पुलिस के समक्ष सरेंडर किया तो उसे मार दिया जाएगा।”

लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था विकास दुबे

गैंगस्टर विकास दुबे ने पिछले शुक्रवार को कानपुर के चौबेपुर में आठ पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद से ही विकास दुबे कानपुर पुलिस के लिए मोस्ट वॉन्टेड की लिस्ट में शुमार है। विकास दुबे इस नरसंहार का एक नामजद आरोपी था। बता दें कि, उसकी तलाश कई राज्यों की पुलिस कर रही थी। विकास दुबे लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था।

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