अब लड़कों को भी करनी पड़ेगी होम साइंस की पढ़ाई, सभी स्कूली छात्रों के लिए होगा अनिवार्य

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लड़कियों का विषय समझे जाने वाले गृह विज्ञान(होम साइंस) को स्कूलों में लड़कों के लिए अनिवार्य बनाया जा सकता है। इस संदर्भ में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने एक मसौदा प्रस्ताव को मंजूरी के लिए केंद्रीय कैबिनेट के पास भेजा है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से तैयार मसौदा प्रस्ताव को अगर केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल जाती है तो स्कूलों में लड़कों के लिये होम साइंस का अध्ययन अनिवार्य हो सकता है।

फाइल फोटो

मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, महिलाओं के लिये राष्ट्रीय नीति, 2017 मसौदा को हाल में मंत्रियों के एक समूह की मंजूरी मिली, जिसे मंत्रिमंडल भेजा गया है। मसौदा नीति प्रस्तावित करता है कि मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय लैंगिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देने के साथ साथ लड़कियों और लड़कों दोनों के लिये गृहविज्ञान एवं शारीरिक शिक्षा अनिवार्य बनाकर स्कूलों के पाठ्यक्रम को फिर से डिजाइन करे।

इसमें कामकाजी महिलाओं को प्रोत्साहित करने की भी मांग गई है और समान वेतन, सिर्फ महिलाओं के लिये संगठनों को कर में छूट, उद्योगों एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों के साथ-साथ आवासीय परिसरों में डे-केयर केंद्र को अनिवार्य किये जाने का प्रस्ताव रखा गया है।

प्रस्ताव में विधवाओं एवं तलाकशुदा महिलाओं को कर छूट की पेशकश की गयी है। मसौदा नीति में स्कूल बसों के लिये महिला ड्राइवरों को बढ़ावा देने की सिफारिश की गयी है, यह कदम ना केवल महिलाओं के लिये रोजगार के अवसर पैदा करेगा, बल्कि इससे स्कूली छात्रों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों में भी कमी आने की संभावना है।

करीब 15 साल के अंतराल के बाद इस नीति की संशोधित किया गया है। पिछली नीति वर्ष 2001 में आयी थी। शुरुआती मसौदा मई 2016 में आया था, जिसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने मंत्रियों के समूह का गठन किया था जिसने इन बदलावों के बारे में सुझाव दिया।

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