पत्रिका ‘पांचजन्य’ के संपादक हितेश शंकर के ‘मुस्लिम बहुल’ इलाके में ‘मंदिर को ध्वस्त करने वाले’ ट्वीट को दिल्ली पुलिस ने बताया फर्जी, लोगों ने झूठी अफवाह फैलाने के लिए की गिरफ्तार करने की मांग

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राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक पत्रिका ‘पाञ्चजन्य’ के संपादक हितेश शंकर ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक तस्वीर शेयर करते हुए दावा किया कि, देश की राजधानी दिल्ली के मुस्लिम बहुल नूर नगर में एक मंदिर को ध्वस्त करने के बाद उसके निशान तक को मिटाए जा रहे हैं। वहीं, शंकर के इस ट्वीट पर दिल्ली पुलिस ने प्रतिक्रिया देते हुए इस बात का खंडन किया है।

दरअसल, हितेश शंकर ने गुरुवार (23 सितंबर) को एक तस्वीर शेयर करते हुए अपने ट्वीट में लिखा, “दिल्ली के मुस्लिम बहुल नूर नगर में एक मंदिर को ध्वस्त करने के बाद निशान तक मिटाए जा रहे हैं। मंदिर गिराने वालों को मंदिर वहीं बनाना होगा!” शंकर ने अपने इस में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी टैग किया।

शंकर के इस ट्वीट को रीट्वीट करते हुए दिल्ली पुलिस के डीसीपी साउथ ने अपने ट्वीट में लिखा, “स्थानीय पुलिस ने ट्वीट की सामग्री को सत्यापित करने के लिए मौके का दौरा किया। संपत्ति हिंदू समुदाय के एक सदस्य की है, जो स्वयं अपनी संपत्ति में मंदिर से सटे बने क्षेत्र को नष्ट / साफ कर रहा था। मंदिर को कोई नुकसान नहीं हुआ है और यह बरकरार है।”

डीसीपी द्वारा खंडन करने के बाद शंकर ने कुछ तथ्य पेश किए। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “मंदिर का अर्थ केवल गर्भगृह नहीं, ऐसा पूरा परिसर देवता का स्थान होता है। साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों से इतर ध्यान दें स्थानीय मुस्लिम ही मंदिर तोड़ने का विरोध कर रहे हैं। पिता ने मंदिर बनवाया तो क्या पुत्र भूमि को व्यावसायिक उपयोग में बदल सकता है?”

डीसीपी के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दिल्ली पुलिस से हितेश शंकर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे। एक यूजर ने लिखा, “आदरणीय महोदय, यह एक वेरीफाइड हैन्डल द्वारा किया गया ट्वीट है जो फेक न्यूज़ के जरिये समाज मे नफरत फैलाने का कार्य कर रहा है। दूसरे इसके इस ट्वीट से आप का बहुमूल्य समय बर्बाद हुआ है, महोदया आप से अनुरोध है इसके विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही कर ऐसे व्यक्तियों को संदेश देने की कृपा करें।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “अगर ये गलत जानकारी वाला ट्वीट है तो इससे कितना साम्प्रदायिक तनाव हो सकता है और आप केवल रिप्लाई दे रहे है? सच मे अगर कानून नाम है तो इसे तुरंत अरेस्ट कीजिए।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “डीसीपी साहेब, ट्वीट के साथ साथ एक चेतावनी भी दे देते तो हितेश शंकर को तो अच्छा होता। एफआईआर वगहरा तो बहुत दूर की बात है।”

एक अन्य ने लिखा, “सफाई तो ठीक है, परंतु एक नियम झूठी अफवाह उड़ाने और धार्मिक विद्वेष फैलाने (या ऐसी कोशिश करने) वाले को अपराधी मानने का भी है। क्या अपराधी के खिलाफ समुचित कार्यवाही होगी या पुलिस का काम सरकारी लठैती और लीपापोती ही रह गया है?”

एक अन्य ने लिखा, “इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने से कौन रोक रहा है। ये झूठी खबर शेयर कर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है।” एक अन्य ने लिखा, “तो साम्प्रदायिकता फैलाने वाले इस व्यक्ति पर FIR क्या युगांडा की पुलिस करेगी और @DCPSEastDelhi साहब।”

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