गुरुग्राम के फोर्टिस प्रबंधन पर चलेगा मुकदमा, हरियाणा सरकार की जांच में पाया गया दोषी, मौत के बाद 16 लाख का दिया था बिल

0

हरियाणा सरकार ने सात साल की बच्ची की डेंगू से मौत व इलाज के लिए 16 लाख रुपये से ज्यादा का बिल थमाने के मामले में गुरुग्राम स्थित फोर्टिस अस्पताल को दोषी करार दिया है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बुधवार (6 दिसंबर) को कहा कि अस्पताल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। फोर्टिस अस्पताल की जमीन की लीज भी रद्द करने पर विचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह मौत नहीं बल्कि हत्या थी।फोर्टिसअस्पताल का लाइसेंस रद करने की सिफारिश के साथ ही ब्लड बैंक का लाइसेंस रद करने के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है। इसके अलावा डेंगू की सूचना सीएमओ को नहीं देने पर भी अस्पताल प्रबंधन को नोटिस थमाया गया है। अस्पताल के खिलाफ केस धारा 304 (लापरवाही से मौत) के तहत दर्ज होगा।

अस्पताल पर महंगी दवाओं का इस्तेमाल करने, गैर कानूनी तरीके और लापरवाही से मामले को हैंडल करने तथा कागजों में गड़बड़ी करने के आरोप साबित हुए हैं। अस्पताल का लाइसेंस रद कराने के लिए एमसीआइ (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) और आइएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) को लिखा जाएगा।

क्या है मामला?

बता दें कि दिल्ली के निवासी जयंत सिंह की सात साल की बेटी आध्या डेंगू की वजह से 15 दिन गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती रही। इसके बाद उसकी मौत हो गई थी। जिसके बाद फोर्टिस अस्पताल की तरफ से बच्ची के पिता जयंत सिंह को 15 लाख 59 हजार रुपये का बिल थमा दिया गया।

यह मामला शायद दबा ही रह जाता यदि जयंत ने ट्विटर के जरिये केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को इसकी जानकारी नहीं दी होती। सोशल मीडिया पर जब बहस छिड़ी तो नड्डा ने जांच के आदेश दिए। वहीं, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने भी तीन वरिष्ठ डॉक्टरों की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here