‘पद्मावत’ विवाद: …जब ‘घूमर’ से हुआ PM मोदी और नेतन्याहू का स्वागत, वीडियो वायरल

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सुप्रीम कोर्ट ने संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म ‘पद्मावत’ की 25 जनवरी को देश भर में रिलीज का रास्ता साफ कर दिया। शीर्ष न्यायालय ने बीजेपी शासित राज्य राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और मध्य प्रदेश सरकारों की ओर से इन राज्यों में फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने वाली अधिसूचनाओं और आदेशों पर गुरुवार (18 जनवरी) को रोक लगा दी। अब यह फिल्म 25 जनवरी को देश भर के सभी राज्यों में रिलीज होगी।हालांकि, सुप्रीम कोर्ट द्वारा ‘पद्मावत’ को रिलीज की हरी झंडी दिए जाने के बाद भी फिल्म को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। फिल्म पर बैन लगाने वाली बीजेपी की राज्य सरकारें अब भी इस मामले को अपने हाथ से जाने देने के लिए तैयार नहीं हैं। राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश की सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने कहा है कि अभी सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि इस मामले में फिर से अपील करने के रास्ते तलाशे जाएंगे।

‘घूमर’ से हुआ PM मोदी और नेतन्याहू का स्वागत

एक ओर जहां बीजेपी शासित राज्य गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा फिल्म का विरोध कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बुधवार (17 जनवरी) को अहमदाबाद में फिल्म ‘पद्मावत’ के विवादित ‘घूमर’ गाने से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का स्वागत हुआ। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

दरअसल, इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू 6 दिनों के भारत दौरे पर हैं। बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी अपने ‘दोस्त’ नेतन्याहू को लेकर गुजरात ले गए थे। अहमदाबाद में नेतन्याहू और मोदी का जोरदार स्वागत हुआ। इस मौके पर स्कूल छात्राओं ने ‘पद्मावत’ फिल्म के मशहूर गाने ‘घूमर…’ पर प्रस्तुति देकर दोनों प्रधानमंत्रियों का स्वागत किया।

‘घूमर’ गाने को लेकर करणी सेना ने की तोड़फोड़

बता दें कि करणी सेना सहित अन्‍य संगठन देश अलग-अलग हिस्‍सों में इसका अभी भी जोरदार तरीके से विरोध कर रहे हैं। सोमवार (15 जनवरी) को मध्‍य प्रदेश के रतलाम जिले की एक घटना सामने आई, जहां एक स्कूल में फिल्‍म के गाने ‘घूमर’ चलाए जाने के विरोध में तोड़फोड़ की गई। आरोप है कि स्कूल में फिल्‍म के गाने ‘घूमर’ बजाए जाने के विरोध में करणी सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा तोड़फोड़ की गई।

जावरा में रतलामी नाका के पास स्थित सेंट पॉल कॉन्वेंट स्कूल में सोमवार (15 जनवरी) को वार्षिकोत्सव में डांस प्रतियोगिता के दौरान घूमर गीत बजने पर जमकर हंगामा हुआ। आरोप है कि स्‍कूल में बच्चे ‘घूमर…’ गाने पर डांस परफॉर्मेंस कर रहे थे, इसी दौरान करणी सेना के 20- 25 लोग स्कूल पहुंचे और विवाद कर तोड़फोड़ की। एक बालक और पालक के साथ मारपीट भी की गई।

‘पद्मावत’ का विरोध जारी

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद करणी सेना अपने पुराने रुख पर कायम है। राजपूत करणी सेना के चीफ लोकेंद्र सिंह कल्वी ने कहा कि वह पूरे देश के सामाजिक संगठनों से अपील कर रहे हैं कि पद्मावत नहीं चलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता फिल्म हॉल पर कर्फ्यू लगा दे। कलवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट फिल्म पर लगे बैन को हटा सकती है, लेकिन सिनेमा हॉल मालिक हमसे पूछकर ही फिल्म चलाएंगे।

उन्होंने दावा किया कि उनके पास राजस्थान के सिनेमा हॉल मालिकों का लिखित पत्र है, जिसमें उन्होंने भरोसा दिलाया था कि कऱणी सेना की अनुमति से ही फिल्म पद्मावत चलाएंगे। कलवी ने यह भी दावा किया कि हर हाल में पद्मावत की स्क्रीनिंग रोकी जाएगी।

वहीं, बीजेपी के बागी नेता और ‘पद्मावत’ के नाम पर सुर्खियां बटोरने वाले सूरज पाल अम्मू ने कहा है कि चाहे फांसी पर लटका दो लेकिन संघर्ष जारी रहेगा। अम्मू ने कहा, ‘आज सुप्रीम कोर्ट ने लाखों-करोड़ों लोगों, लाखों करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, जो सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हैं। हमारा संघर्ष जारी रहेगा चाहे मुझे फांसी लगा दो। यह फिल्म रिलीज होगी तो देश टूटेगा।’

शुरू से विवादों में रही फिल्म

दरअसल, यह फिल्म 13वीं सदी में दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी और मेवाड़ के महाराजा रतन सिंह के बीच हुए युद्ध पर आधारित है। पिछले साल जयपुर और कोल्हापुर में जब फिल्म की शूटिंग चल रही थी, तब करणी सेना के कथित सदस्यों ने इसके सेट पर तोड़फोड़ तथा इसके निर्देशक संजय लीला भंसाली के साथ धक्कामुक्की की थी।

मालूम हो कि नाम बदलने और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के विवादास्पद ‘घूमर’ नृत्य में बदलाव समेत कुछ अन्य परिवर्तनों के बाद सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को प्रदर्शन की अनुमति दी है। लेकिन फिल्म को लेकर विशेषकर राजपूत समुदाय की तरफ से कड़े विरोध को देखते हुए 25 जनवरी को ‘पद्मावत’ रिलीज होने पर राज्य सरकारों के लिए कानून और व्यवस्था को बनाये रखना चुनौती बन सकती है।

इस फिल्म को देश भर में 25 जनवरी 2018 को प्रदर्शित किया जाना है। सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी और राजपूत रानी पद्मावती की ऐतिहासिक कथा पर आधारित इस फिल्म का राजपूत करणी सेना समेत कई संगठन विरोध कर रहे हैं। करणी सेना ने तो इसे प्रदर्शित करने पर सिनेमा घरों पर हिंसक प्रदर्शन की चेतावनी दे रखी है।

हालांकि फिल्म ‘पद्मावत’ के निर्माताओं ने अखबारों के मुख्य पृष्ठ पर सोमवार (15 जनवरी) को एक विज्ञापन देकर स्पष्ट किया है कि फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मावती के बीच कोई दृश्य नहीं है। इसके साथ ही दावा किया गया है कि यह एक ऐसी फिल्म है, जिस पर प्रत्येक भारतीय गर्व करेगा।

 

 

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