पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को 2017 का प्रतिष्ठित ‘इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार’ से नवाजा जाएगा। सिंह को 2004 से 2014 के बीच देश का नेतृत्व करने और वैश्विक स्तर पर भारत का औहदा बढ़ाने के लिए इस साल (2017) का इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण और विकास पुरस्कार दिया जाएगा। उन्हें भारत के स्तर को सुधारने के साथ ही चीन और पाकिस्तान के साथ संबंधो में सुधार लाने तथा अर्थव्यवस्था में उनके योगदान के लिए इस पुरस्कार के लिए चुना गया है। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता वाली ज्यूरी ने इस पुरस्कार की घोषणा की। इस पुरस्कार के तहत एक ट्रॉफी, नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। बता दें कि मनमोहन सिंह भारत के तीसरे ऐसे प्रधानमंत्री रहे जिन्होंने प्रधानमंत्री के तौर पर अपने दो कार्यकाल पूरे किए। वह देशके वित्त मंत्री भी रह चुके हैं।
इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट के बयान के अनुसार, सिंह को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता वाली एक अंतरराष्ट्रीय ज्यूरी द्वारा पुरस्कार के लिए सर्वसम्मति से चुना गया। ट्रस्ट सचिव सुमन दुबे ने इस संबंध में बयान जारी कर यह जानकारी दी।
बता दें कि ‘इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार’ भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की याद में दिया जाता है। 1984 में उनकी हत्या कर दी गई थी। इसके बाद उनकी स्मृति में स्थापित ‘इंदिरा गांधी मेमोरिल ट्रस्ट’ 1986 से हर साल विश्व के किसी ऐसे व्यक्ति या संगठनों को ‘इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण और विकास पुरस्कार’ प्रदान करता है, जिसने समाज सेवा, निरस्त्रीकरण या विकास कार्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो।