CAA Protest: वाराणसी में डेढ़ साल की बच्ची की मां जमानत पर रिहा, कहा- ’14 दिन एक माँ के रूप में मेरे लिए वनवास की तरह थे’

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का विरोध करने के दौरान गिरफ्तार की गई, डेढ़ साल की बच्ची चंपक की मां एकता गुरुवार (2 जनवरी) की सुबह जमानत पर जिला कारागार से रिहा कर दी गई। महमूरगंज निवासी कार्यकर्ता एकता और उसका पति रविशेखर संशोधित नागरिकता कानून का विरोध करने को लेकर 19 दिसंबर से जेल में बंद थे। एकता की डेढ़ साल की दुधमुंही बच्ची चंपक मां के लिए लगातार परेशान हो रही थी और उसकी हालत बिगड़ रही थी।

वाराणसी
फोटो: ANI

समाचार एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक एकता के वकील हिमाचल सिंह ने बताया कि, ‘‘अपर जिला जज सप्तम सर्वेश कुमार पांडेय की अदालत ने बुधवार को सभी को 25 -25 हजार रुपये की जमानत पर रिहाई का आदेश दिया था। एकता की रिहाई हो गई। बाकी लोगों के कागजात पूर्ण होते ही शाम तक उन्हें भी रिहा कर दिया जाएगा।’’

रिहाई के बाद एकता ने कहा ‘‘कार्यकर्ता के तौर पर जेल में रहना गर्व की बात थी, लेकिन एक माँ होने के नाते एक एक पल पहाड़ की तरह कट रहा था। 14 दिन एक माँ के रूप में मेरे लिए वनवास की तरह थे। आज चंपक बेहद खुश है और ऐसे खेल रही है, मानो उसे सभी खुशियां मिल गई।’’

उल्लेखनीय है कि, नागरिकता कानून के विरोध में 19 दिसंबर को शहर के बेनिया बाग में एक जनसभा हुई थी जिसमे एकता (32) और रविशेखर (36) दोनों शामिल हुए थे। इस दौरान पुलिस के साथ कथित तौर पर धक्का मुक्की करने और भड़काऊ नारे लगाने के आरोप मे 56 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

बता दें कि, नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर इन दिनों देश के कई राज्यों में जमकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। उत्तर प्रदेश, गुजरात, दिल्‍ली, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, असम के साथ ही बिहार में भी इस पर जबरदस्त विरोध देखने को मिल रहा है।

बता दें कि, सीएए और एनआरसी के खिलाफ बीते दिनों उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हिंसक प्रदर्शन हुए थे। यूपी में प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में उत्तर प्रदेश में करीब 15 लोगों की मौत हो गई है।

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