दिल्ली के निगम चुनावों में असदुद्दीन ओवैसी उतार रहे है अपने 50 उम्मीदवार

0
महाराष्ट्र में हाल के निकाय चुनावों में अपनी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने के बाद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अब दिल्ली नगर निगम के चुनाव में भी कदम रखने जा रही है और वह 50 ऐसी सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े कर रही है जहां मुस्लिम आबादी अच्छी खासी है।
एआईएमआईम ने पहले दिल्ली के तीनों निगमों की सभी 272 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का मन बनाया था, लेकिन अपने सर्वेक्षण के आधार पर उसने सिर्फ 50 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का फैसला किया।

पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष इरफानुल्ला खान ने कहा, ‘‘पहले हमने सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारने का फैसला किया था, लेकिन जब हमने सर्वेक्षण कराया तो पता चला कि हम 50 सीटों पर मजबूत स्थिति में हैं। इसके बाद हमने इन 50 सीटों पर मजबूती के साथ चुनाव लड़ने का फैसला किया।’’

ओवैसी की पार्टी ने दिल्ली नगर निगम के चुनाव में जिन 50 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है उनमें ओखला, सीलमपुर, मुस्तफाबाद, पुरानी दिल्ली और संगम विहार जैसे इलाके शामिल हैं। ये वो क्षेत्र हैं जहां अच्छी खासी तादात में मुस्लिम आबादी है जिसे लक्ष्य बनाकर एआईएमआईएम चुनाव लड़ रही है।

खान ने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि हम सिर्फ मुस्लिम बहुल इलाकों में चुनाव लड़ने जा रहे है, हम कालकाजी और बवाना जैसे इलाकों में भी चुनाव लड़ेंगे क्योंकि हमें वहां अच्छे उम्मीदवार मिले हैं और हमारा संगठन भी मजबूत है।’’ गौरतलब है कि पिछले महीने महाराष्ट्र में हुए नगर निगमों के चुनाव में ओवैसी की पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया था।

पीटीआई की खबर के अनुसार, उसने बीएमसी में तीन और सोलापुर नगर निगम में पांच सीटें जीतीं। कहा जा रहा है कि उनकी पार्टी की वजह से कांग्रेस और राकांपा जैसी पार्टियों को खासा नुकसान हुआ।

विरोधी पार्टियों की ओर से ओवैसी की पार्टी पर धर्मनिरपेक्ष राजनीति को नुकसान पहुंचाने संबंधी आरोप लगाए जाने के बारे में पूछे जाने पर इरफानुल्ला खान ने कहा कि देश में ‘तथाकथित धमनिरपेक्ष दलों’ की यह राजनीति बंद होनी चाहिए।

खान ने कहा, ‘‘जब मुलायम सिंह यादव, नीतीश कुमार या अरविंद केजरीवाल मुसलमानों का नेतृत्व करें तो वह धर्मनिरपेक्ष राजनीति है, लेकिन अगर ओवैसी या अयूब अंसारी (पीस पार्टी) मुस्लिम समाज के नेतृत्व की बात करे तो वह सांप्रदायिक राजनीति हो जाएगी।
मुसलमानों के नाम पर इस तरह की राजनीति बंद होनी चाहिए।’’ एआईएमआईएम के नेता ने कहा, ‘‘दिल्ली नगर निगम चुनाव में हम किसी का वोट काटने नहीं, बल्कि अधिक से अधिक सीटें जीतने के लिए उतर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि हमारी पार्टी दिल्ली में महाराष्ट्र से भी अच्छा प्रदर्शन करेगी।’’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here