वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई

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सुप्रीम कोर्ट ने न्यायपालिका के प्रति कथित रूप से अपमानजनक ट्वीट करने के मामले में अधिवक्ता एवं कार्यकर्ता प्रशांत भूषण के खिलाफ स्वत: अवमानना की कार्यवाही शुरू की। शीर्ष अदालत ने ट्विटर इंडिया के खिलाफ भी न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही शुरू की है। भूषण की कथित अपमानजनक टिप्पणियां ट्विटर हैंडल से ही प्रसारित हुई थीं। मामले की सुनवाई जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस बी. आर. गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की बेंच करेगी जिसमें ट्विटर इंडिया को भी एक पक्ष बनाया गया है।

Photo: The Hindu

सुप्रीम कोर्ट आज वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ अदालत की आपराधिक अवमानना मामले की सुनवाई करेगा। प्रशांत भूषण न्यायपालिका से जुड़े मसले लगातार उठाते रहे हैं और हाल ही में उन्होंने कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी के दौरान दूसरे राज्यों से पलायन कर रहे कामगारों के मामले में शीर्ष अदालत के रवैये की तीखी आलोचना की थी।

भूषण ने भीमा-कोरेगांव मामले में आरोपी वरवर राव और सुधा भारद्वाज जैसे जेल में बंद नागरिक अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं के साथ हो रहे व्यवहार के बारे में बयान भी दिए थे। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रशांत भूषण के किस ट्वीट को पहली नजर में शीर्ष अदालत की अवमानना करने वाला माना गया है।

इससे पहले भी उच्चतम न्यायालय ने नवंबर, 2009 में प्रशांत भूषण द्वारा एक पत्रिका को दिए गए साक्षात्कार में शीर्ष अदालत के कुछ पूर्व और पीठासीन न्यायाधीशों के बारे में कथित रूप से आक्षेप किये जाने के मामले में उन्हें अवमानना का नोटिस दिया था। यह मामला शीर्ष अदालत में अभी तक लंबित है और न्यायालय की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह प्रकरण अंतिम बार मई, 2012 में सूचीबद्ध हुआ था।

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