केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े द्वारा पिछले दिनों दिए गए कथित विवादित बयान के विरोध में संसद में बुधवार (27 दिसंबर) को कांग्रेस के सदस्यों ने जमकर नारेबाजी की। इसके कारण लोकसभा की बैठक शुरू होने के कुछ ही समय बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। कांग्रेस के सदस्यों ने प्रश्नकाल शुरू होते ही आसन के समीप आकर हेगड़े के बयान के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी।
हेगड़े के बयान को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ, जिसके बाद दोनों सदनों को कुछ देर के लिए स्थगित कर दिया गया और इसके बाद इसी मुद्दे पर सदन में हंगामा देखा गया। विपक्षी सांसद ‘मंत्री को बर्खास्त करो’ के नारे लगा रहे थे। राजद के जयप्रकाश नारायण यादव भी कांग्रेस सदस्यों के साथ नारेबाजी में शामिल थे।
हेगड़े के मसले पर राज्यसभा में विपक्ष के नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि अगर किसी शख़्स को संविधान पर विश्वास नहीं है तो उसे संसद सदस्य होने का कोई अधिकार नहीं है। कांग्रेस के सदस्यों ने प्रश्नकाल शुरू होते ही आसन के समीप आकर हेगड़े के बयान के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी।
गौरतलब है कि खबरों के अनुसार, बीजेपी नेता और केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री हेगड़े ने हाल ही में कर्नाटक के कोप्पल जिले में एक समारोह में कथित तौर पर कहा था कि जो लोग खुद को धर्मनिरपेक्ष और बुद्धिजीवी मानते हैं उनकी अपनी कोई पहचान नहीं होती और वे अपनी जड़ों से अनजान होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी संविधान को बदलने के लिए सत्ता में आई है।
इससे पहले पूर्वाह्न 11 बजे लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने जैसे ही प्रश्नकाल आरंभ कराया, वैसे ही शिवसेना के कुछ सदस्यों ने ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लगाए जिनका साथ बीजेपी के कुछ सदस्यों ने भी दिया। ये सदस्य कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी के साथ पाकिस्तान में दुर्व्यवहार की खबरों की पृष्ठभूमि में नारेबाजी कर रहे थे।
उधर तेलंगाना से टीआरएस के सदस्य अपने राज्य में अलग उच्च न्यायालय की मांग को लेकर आसन के समीप आकर नारे लगा रहे थे। लोकसभा अध्यक्ष ने हंगामे के बीच ही प्रश्नकाल चलाने का प्रयास किया और ‘मेंटर इंडिया’ अभियान से संबंधित सदस्यों के प्रश्न पर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने जवाब भी दिया। हालांकि हंगामा थमता नहीं देखकर अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
वहीं राज्यसभा में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पीएम मोदी की ऐसी कोई मंशा नहीं थी कि जिससे पूर्व पीएम मनमोहन या फिर पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की देशभक्ति पर कोई सवाल खड़ा होता हो। उन्होंने कहा कि हम इन नेताओं का सम्मान करते हैं। इस पर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि प्रधानमंत्री के भाषण पर स्पष्टीकरण के लिए शुक्रिया।
हम अपनी पार्टी के सदस्यों के सभी उन बयानों से खुद को अलग करते हैं जो पीएम की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाते हैं। और चाहते हैं कि आगे से ऐसा न हो। इसी बीच बता दें कि पाकिस्तान में कुलभूषण जाधव के साथ उनके परिवार की हुई मुलाकात के मुद्दे पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज कल संसद के दोनों सदनों में बयान देंगी।



















