दीनदयाल उपाध्याय पर लिखी किताब नहीं बिकी तो अमित शाह ने बीजेपी मुख्यमंत्रियों को किताबें खरीदने का हुक्म सुनाया

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अगर आपने इस बार का विश्व पुस्तक मेला देखा है तो राष्ट्रवाद की प्रखर झलक आपको वहां देखने को मिली होगी। भारत का अधिकांशत यूथ चेतन भगत और विक्रम सेठ सरीखे नये लेखकों को पढ़ता है ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के विचारक दीनदयाल उपाध्याय पर गत् वर्ष प्रकाशित किताबों में नौजवान पीढ़ी को शायद ही दिलचस्पी हो।

लेकिन इन किताबों को बिकवाने के लिए पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने तोड़ निकाल लिया है। उन्होंने बीजेपी मुख्यमंत्रियों को आदेश दिया है कि इन किताबों के सेट को खरीदे और पब्लिक लाइब्रेरी, स्कूलों और कॉलेजों लाइब्रेरी में लगाएं।

Amit Shah

दीनदयाल उपाध्याय की जिंदगी पर लिखी गई 15 किताबों के एक सेट को पिछले साल रिलीज किया गया था। लेकिन आज की नौजवान पीढ़ी ने इसे खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।

इस किताब के सेट को दिल्ली के प्रभात प्रकाशन ने छापा है। इस किताब के सेट को 6 हजार रूपये मूल्य का बताया गया है। जनसत्ता की खबर के अनुसार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भाजपा शासित प्रदेशों को निर्देश दिए कि यह किताब खरीदी जाए।

शाह ने सभी मुख्यमंत्रियों को आदेश देते हुए कहा कि उनके राज्य में पब्लिक लाइब्रेरी, स्कूलों और कॉलेजों में लाइब्रेरी किताबों के इस सेट को 6 हजार रुपए में खरीदें।

अमित शाह की इस घोषणा का अमल तुरंत होते दिखा और किताब के प्रकाशक प्रभात प्रकाशन को 1300 कॉपियों का ऑर्डर मिला है, ये ऑर्डर मुख्यत राजस्थान और छत्तीसगढ़ से मिले हैं।

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