‘सांप्रदायिक जहर वाले सांपों पर जीत हासिल करने वाले महात्मा गांधी ‘चतुर बनिया’ से कहीं अधिक थे’

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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पौत्र राजमोहन गांधी ने शनिवार(10 जून) को कहा कि ‘ब्रिटिश शेरों’ और देश में ‘सांप्रदायिक जहर वाले सांपों’ पर जीत हासिल करने वाला शख्स ‘चतुर बनिया’ से कहीं अधिक था। गांधी फिलहाल अमेरिका में हैं। उन्होंने कहा कि आज महात्मा का लक्ष्य बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह से कहीं अलग होता। बता दें कि शाह ने शुक्रवार(9 जून) को रायपुर में एक सभा में महात्मा गांधी को ‘चतुर बनिया’ बताया था।chatur baniya
जीवनीकार और अमेरिका के इलिनॉय विश्वविद्यालय में शोध प्रोफेसर गांधी ने ई-मेल के जरिए भेजे गए जवाब में कहा कि जिस व्यक्ति ने ब्रिटिश शेरों और सांप्रदायिक जहर वाले सांपों पर जीत हासिल की, वह चतुर बनिया से कहीं अधिक था। अमित शाह जैसे लोगों के विपरीत आज उनका लक्ष्य निर्दोष और कमजोर लोगों का शिकार कर रही शक्तियों को पराजित करना होता।

साथ ही शाह के ‘चतुर बनिया’ वाले बयान की निंदा करते हुए विपक्षी पार्टियों ने भी मांग की कि उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए। विपक्षी दलों ने इस बात पर जोर दिया कि अपमानजनक बयान को वापस लिया जाना चाहिए। महात्मा गांधी के एक अन्य पौत्र गोपालकृष्ण गांधी ने भी कहा कि गांधी ‘चतुर बनिया’ बताये जाने को हंस कर टाल देते परंतु यह टिप्पणी ‘बदमजा है और इसके पीछे छिपी गलत मंशा’ है।


गौरतलब है कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जाति के संदर्भ में उनके लिए ‘बहुत चतुर बनिया’ शब्द का उल्लेख कर राजनैतिक विवाद को जन्म दे दिया है। कांग्रेस और अन्य दलों ने राष्ट्रपिता का अपमान करने के लिए शाह को माफी मांगने को कहा। हालांकि, शान ने माफी मांगने से साफ इनकार दिया है।

शाह ने रायपुर में शुक्रवार को प्रबुद्ध नागरिकों के एक समूह को संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी का जिस बनिया जाति में जन्म हुआ था, उसका उल्लेख किया था। उन्होंने कहा था कि, “महात्मा गांधी दूरदर्शी होने के साथ ही बहुत ‘चतुर बनिया’ थे। उन्हें मालूम था कि आगे क्या होने वाला है। उन्होंने आजादी के बाद तुरंत कहा था कि कांग्रेस को भंग कर दिया जाना चाहिए। यह काम महात्मा गांधी ने नहीं किया लेकिन अब कुछ लोग कांग्रेस को भंग करने का काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने ऐसा इसलिए कहा था, क्योंकि कांग्रेस की स्थापना विचारधारा के आधार पर नहीं हुई थी। यह एक तरह से आजादी हासिल करने के लिए ‘विशेष उद्देश्य उपक्रम’ सरीखा था। आलोचना का सामना करने के बाद भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अघ्यक्ष अमित शाह ने कहा कि सभी जानते हैं कि उन्होंने किस संदर्भ में यह बात कही है।

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