दलितों के बाद अब बंजारा समुदाय भी गोरक्षकों के आतंक के खिलाफ एकजुट हुआ

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गोरक्षको के खिलाफ दलितों के एकजूट होने के बाद अब राजास्थान के बंजारा समुदाय ने भी गोरक्षकों के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है।

हिन्दूवादी संगठन ने बंजारों समाज पर कई गोरक्षा की आड़ लेकर हमला करते आ रहे है। जिससे तंग आकर बंजारों ने अपने समुदाय के लोगों को गोरक्षको के खिलाफ यह नारा देते हुए बैल बेचना हमारी पहचान, हमारा अधिकार हमारा संघर्ष इसके साथ बंजारा विकास संगठन बना लिया है। 1000 से ज्यादा बंजारों ने इस रैली में भाग लिया और अपनी रक्षा, अपनी पहचान और अपने जीवन जीने का अधिकार के लिए मांग कर रहे हैं।

Photo courtesy: the wire
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बंजारो का विद्रोह तब शुरु होता है जब 4 अक्टूबर को एक सरकार द्वारा आयोजित पशु मैला में से लेजा रहें पशुओं से लदा एक ट्रक को बजरंग दल गुंडे रोक देते हैं। ट्रक आगे ले जाने के लिए पांच हजार रुपए मांगने लगे। बंजारो ने इसको देने के इंकार के बाद उनके साथ मारपीट की जाने लगी।

भिलवाड़ा,दुंगापुर, बसवाड़ा उदयपुर, चित्तोरगढ़.और प्रतापगढ़ मेंबंजारा समुदाय ने उनके आंतक के खिलाफ राजस्थान के कई शहरों में आंदोलन किया।

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बजांरा समुदाय की मांग है पशुओं को बेचना उनका काम है। लेकिन गोरक्षक जबरन पुलिस के साथ मिलकर वसूली करते हैं। पशु तस्करी का झुठा केस लगाकर उनको परेशान किया जाता है। बंजारों के पास न तो शिक्षा है ना ही स्वास्थ्य, जिस तरह से उना के दलितों ने एैलान किया कि तुम तुम्हारी गाय का पूछ रखों और हमारी जमीन वापस करों, वैसे ही बंजारों को भी राज्य सरकार से यही मांग करते हैं।

बंजारा समुदाय परंपरागत रूप से बैलों व अन्य पशुओं का व्यापार करता आ रहा है। उनका आरोप है बजरंग दल और अन्य संगठनों के लोग इनसे वसूली, लूटपाट व मारपीट करके समय-समय पर प्रताड़ित करते रहते हैं।।

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