BJP के इस नेता का दावा- ‘मैंने गिरवाई थी बाबरी मस्जिद, आडवाणी-जोशी बेकसूर’

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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व सांसद और बाबरी मस्जिद गिराने के आरोपी रामविलास वेदांती ने दावा किया है कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद उन्होंने गिरवाया था। वेदांती ने कहा कि मेरे कहने पर ही कारसेवकों ने बाबरी मस्जिद को गिराया था। उन्होंने आगे कहा कि लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी कारसेवकों को समझा रहे थे। वह दोनों बेकसूर हैं।

फाइल फोटो: patrika

बीजेपी नेता ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल और महंत अवैद्यनाथ भी इसमें शामिल थे। लेकिन आडवाणी और जोशी कारसेवकों को समझा रहे थे। उनकी कोई भूमिका नहीं है। बता दें कि वेदांती भी बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में मुख्य आरोपी हैं।

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इसके बाद वेदांती ने आगे कहा कि ‘प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव जी ने एक दिन पहले 5 दिसंबर की रात 11 बजे फोन करके पूछा कि वेदांती जी कल क्या होगा? हमने कहा कि हमने कारसेवकों से कह दिया है कि जब तक विवादित ढांचा नहीं तोडेंगे, उस खंडर को नहीं तोड़ेंगे, तब तक मंदिर का निर्माण नहीं होगा। तब नरसिम्हा राव ने मुझसे कहा कि टूट जाने दो, जो होगा देखा जाएगा।

गौरतलब है कि बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में वेदांती का नाम बीजेपी के उन नेताओं में शामिल है, जिनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक साजिश का केस चलाने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने 19 अप्रैल को बड़ा फैसला देते हुए आदेश दिया कि बीजेपी के सीनियर नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार और उमा भारती समेत 13 अन्य नेताओं पर आपराधिक साजिश का केस चलेगा।

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साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस मामले से जुड़े दो मुकदमे एक साथ चलाने के निर्देश दिए हैं। इनमें से एक मामला लखनऊ में है, दूसरा रायबरेली में। कोर्ट ने कहा है कि दोनों मामलों की साझा सुनवाई रोजाना लखनऊ की कोर्ट में हो। साथ ही कोर्ट ने दो साल के भीतर दोनों मामले निपटाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि फैसला आने तक जज का ट्रांसफर नहीं होना चाहिए।

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हालांकि, इस मामले में राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह को संविधान मे मिली छूट का लाभ मिलेगा। जब तक वह पद पर है तब तक उन पर आपराधिक साजिश का केस नहीं चलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कल्याण सिंह के पद से हटते ही उन पर आरोप तय होंगे।

 

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