GST घटने के बावजूद ग्राहकों को महंगा सामान बेचने के आरोप में बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद पर लगा 75 करोड़ रुपये का जुर्माना

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योग गुरू बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड एक बार फिर से विवादों में आ गई है। खबर के अनुसार, माल एवं सेवाकर (जीएसटी) की दरों में कमी का फायदा ग्राहकों तक न पहुंचाने और सामान का रेट ज्यादा लेने के आरोप में पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड पर 75 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

बाबा रामदेव
(Reuters File)

लाइव मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, माल एवं सेवाकर (जीएसटी) में कमी का फायदा ग्राहकों तक नहीं पहुंचाने और सामान का रेट ज्यादा लेने के लिए बाबा रामदेव के संरक्षण वाले पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड पर 75 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। पतंजलि पर यह जुर्माना नेशनल एंटी प्रॉफिटियरिंग अथॉरिटी (NAA) यानी राष्ट्रीय मुनाफाखोरी रोधी प्राधिकरण ने लगाया है।

अथॉरिटी की ओर से पतंजलि आयुर्वेद से कहा गया है कि वह तीन महीने के भीतर इस फाइन को जमा करे। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकारों के कन्ज्यूमर वेलफेयर फंड में 18 प्रतिशत जीएसटी जमा कराने का भी आदेश पंतजलि आयुर्वेद को दिया गया है।

अथॉरिटी ने कहा, जीएसटी एक्ट के तहत रेट में कमी करने के बाद भी पतंजलि ने ग्राहकों को बेचे जाने वाले सामान के रेटों में कटौती नहीं की। इसके बाद पतंजलि को नोटिस जारी कर पूछा गया था कि आखिर आप पर इसके लिए जुर्माना क्यों न लगाया जाए। अथॉरिटी ने कहा कि तमाम चीजों पर जीएसटी रेट को 28 से 18 पर्सेंट और 18 से 12 फीसदी कर दिया गया था, लेकिन नवंबर 2017 के इस फैसले का फायदा पतंजलि ने ग्राहकों को नहीं दिया।

ख़बरों के मुताबिक, पतंजलि ने कथित तौर पर नवंबर 2017 में घोषित की गई गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) दरों में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं को नहीं दिया। कुछ खास वस्तुओं पर टैक्स रेट कम होने से कंपनियों को उसी हिसाब से इसका फायदा ग्राहकों को पहुंचाना होता है, मगर पतंजलि ने ऐसा नहीं किया।

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