ताजमहल तो बच गया लेकिन आजम खान के उर्दू गेट पर चलेगा योगी सरकार का बुलडोेजर

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बीजेपी सरकार के खिलाफ बयानबाजी अब आजम खान को भारी पड़ने वाली है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार उनके महत्वकांक्षी और सर्वाधिक प्रिय उर्दू गेट को गिराने की तैयारी कर रही है। यह खबर ऐसे समय में आई है जब आजम खान ने कहा था कि वह योगी सरकार के साथ ताजमहल सहित तमाम मुगल इमारतों को गिराने में सहयोग करेंगे। योगी सरकार ने ताजमहल को तो नहीं लेकिन उनके उर्दू गेट को गिराने का मन बना लिया है।

योगी सरकार ने इस गेट का अवैध घोषित किया है। नियमों के विपरीत बने इस गेट को अब गिराने की तैयारी चल रही है। यह दरवाजा रामपुर जिले को उत्तराखंड से जोड़ता है। ऐसे में इस पर वाहनों का बहुत दबाव रहता है। कई बार जाम भी लग जाता है। डीएम शिव सहाय अवस्थी ने जांच की रिपोर्ट सरकार को भेजी थी। सरकार ने कहा कि इस रिपोर्च पर उचित कार्रवाई करें। इसी के बाद इस दरवाजे को तोड़ने का फैसला लिया गया।

समाजवादी पार्टी के समय इस गेट को बनवाने के लिए 40 लाख रुपए का खर्चा किया गया था। टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान पीडब्लूडी सुप्रींटेंडेंट इंजीनियर संजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि राज्य सरकार से हमें इस मामले में उचित कार्रवाई करने के निर्देश मिले हैं। हम साइट की जांच कर रहे हैं और जल्द इस पर कोई कार्रवाई की जा सकती है। बीजेपी नेता आकाश कुमार सक्सेना इस गेट के खिलाफ तीन शिकायत दर्ज करा चुके हैं।

उर्दू गेट रामपुर में मोहम्मद जौहर अली यूनिवर्सिटी रोड पर स्थित है। इस गेट को समाजवादी की सरकार के समय बनवाया गया था। यहां खड़े होकर लोग अपनी तस्वीरें खींचवाते है उर्दू भाषा को बढ़ाने और एक विरासत के बतौर इस गेट का बनवाया गया था जिसे अब यूपी में बीजेपी सरकार आने के बाद नष्ट कर दिया जाएगा।

इसके साथ ही आपको बता दे उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद ताजमहल को भी राजनीति में शामिल कर लिया गया है। भारत की इस ऐतिहासिक धरोहर में यूपी सरकार का विश्वास शायद अब नहीं रहा है इसलिए ताजमहल को योगी सरकार ने टूरिस्ट गंतव्यों की सूची तक में नहीं रखा जबकि दुनियाभर में ताजमहल को अजूबा माना जाता है जिसे देखने दुनियाभर के लोग भारत में दौड़े चले आते है। जानकारों का मानना है कि यह बीजेपी सरकार की दूर की कोड़ी है जिसका फायदा 2019 के चुनावों में देखने को मिलेगा।

लेकिन फिलहाल समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां ने सरकार को योगी सरकार को सुझाव दिया है कि यदी वह इस गुलामी के प्रतीक ताजमहल को ध्वस्त करने का निर्णय ले तो मैं उनका साथ दूंगा। आपको बता दे कि पूर्व में योगी सरकार द्वारा ताजमहल को तरजीह न देने पर सोशल मीडिया पर बड़ा बवाल मचा था। मुगलों की इस बेहतरीन कला के नमूने और मोहब्बत की निशानी को राष्ट्रवादी सरकार के समर्थकों ने गुलामी का प्रतीक मान लिया था जिसका पुष्टि अब उत्तर प्रदेश की सरकार ताजमहल की अनेदखी कर प्रमाण के तौर पर कर रही है।

उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के बुकलेट से ताजमहल नदारद है। इस पर एसपी नेता आजम खान ने कहा, ‘यह अच्छी पहल है कि बुकलेट से ताजमहल गायब है। कुतुब मीनार, लाल किला, संसद भवन ये सब गुलामी की निशानियां हैं।’अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि एक जमाने में ताजमहल को गिराने की बात चली थी। ताजमहल को गिराना चाहिए। योगी जी इस तरह का निर्णय लेंगे, तो हमारा उन्हें सहयोग रहेगा।

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