आपराधिक मानहानि मामले में अर्नब गोस्वामी को दिल्ली हाई होर्ट से मिली अस्थाई राहत

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दिल्ली हाई कोर्ट ने ने शुक्रवार (8 फरवरी) को टीवी पत्रकार और समाचार चैनल रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्नब गोस्वामी को आपराधिक मानहानि के एक मामले में निचली अदालत के समक्ष निजी रूप से पेश होने से 15 मार्च तक छूट प्रदान कर दी। यह शिकायत एक वकील ने दायर की है, जिसमें एक समाचार चैनल पर मानहानिकारक टिप्पणी किए जाने का आरोप लगाया गया है।

वकील विक्रम सिंह चौहान ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि टीवी चैनल पर गोस्वामी तथा अन्य ने जानबूझकर उनको बदनाम किया। कथित टिप्पणी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में 2016 कथित तौर पर भारत विरोधी नारे लगाए जाने की घटना के बाद पटियाला हाउस अदालत परिसर में हुई हिंसा से संबंधित एक कार्यक्रम के प्रसारण के दौरान की गई थी।

गोस्वामी के खिलाफ यह मामला 2016 में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट परिसर के अंदर हिंसा से संबंधित है, जब वकीलों का एक समूह कथित तौर पर गुंडागर्दी कर रहे थे। उन्होंने कथित भारत विरोधी नारेबाजी के मामले में अदालत में पेशी के बाद जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर  हमला किया था। इस बहत करते हुए गोस्वामी ने इन वकीलों को कथित तौर पर ‘गुंडे’ कहा था।

बार और बेंच वेबसाइट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला न्यायमूर्ति आर के गौबा के समक्ष सूचीबद्ध था। उन्होंने इस मामले को एक अन्य पीठ को हस्तांतरित कर दिया, जिनके समक्ष घटना से जुड़ी अन्य याचिकाएं लंबित हैं। अदालत गोस्वामी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें उन्होंने मानहानि शिकायत के मामले में एक मजिस्ट्रेट द्वारा जारी समन को चुनौती दी है।

संबंधित मामले एक अन्य पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए 15 मार्च को सूचीबद्ध हैं। इसमें अदालत ने उन लोगों को अंतरिम राहत प्रदान की है जिन्होंने याचिका दायर की है। दिन में सुनवाई के दौरान गोस्वामी की ओर से पेश वकील ने हाई कोर्ट को सूचित किया कि यह मामला 11 फरवरी को निचली अदालत के समक्ष आने वाला है। इस पर न्यायाधीश ने कहा कि “याचिकाकर्ता (गोस्वामी) को निचली अदालत के समक्ष 15 मार्च तक व्यक्तिगत पेशी से छूट होगी।’’

चौहान की ओर से पेश अधिवक्ता विजय अग्रवाल और गोस्वामी के वकील सिद्धार्थ अग्रवाल ने सहमति जताई कि इस याचिका पर उसी पीठ द्वारा सुनवाई की जानी चाहिए और इसे समन्वय पीठ को हस्तांतरित किया जाना चाहिए। अधिवक्ता ने अपनी शिकायत में दलील दी थी कि 19 फरवरी, 2016 को कार्यक्रम के दौरान गोस्वामी ने उनके खिलाफ “निराधार और अपमानजनक” आरोप लगाए थे। (इनपुट भाषा के साथ)

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