शशि थरूर के ईमेल को गैरकानूनी तरीके से हैक के मामले में कोर्ट द्वारा FIR दर्ज करने के आदेश पर अर्नब गोस्वामी ने खुद का किया बचाव

0

वरिष्ठ टीवी पत्रकार और अंग्रेजी समाचार चैनल ‘रिपब्लिक टीवी’ के संपादक अर्नब गोस्वामी को दिल्ली की एक अदालत ने बड़ा झटका दिया है। पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को अर्नब गोस्वामी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता शशि थरूर के निजी ईमेल को अवैध रूप से हैक करने और दस्तावेजों को चोरी करने के आरोप में पुलिस को पिछले दिनों यह निर्देश दिया था।

इस मामले में पहली बार प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अर्नब गोस्वामी ने खुद का बचाव किया है। रिपब्लिक टीवी के संस्थापक अर्नब गोस्वामी ने अवैध रूप से थरूर के इमेल को गैरकानूनी तरीके से हैक करने के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि यह पत्रकारिता का अभिन्न अंग था। उनके चैनल रिपब्लिक टीवी ने ‘जनता का रिपोर्टर’ द्वारा खबर प्रकाशित किए जाने के कुछ दिनों बाद गोस्वामी के हवाले से एक बयान जारी कर कहा है कि कैसे पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दे दिया।

गोस्वामी द्वारा दिए गए बयान में कहा गया है कि सच्चाई का खुलासा करने के लिए दस्तावेजों तक पहुंचना पत्रकारिता का अभिन्न अंग है। मुझे गर्व है कि हमने ऐसा किया है और हमारी खोजी पत्रकारिता के कारण सुनंदा पुष्कर मामले की जांच तेजी से चल रही है। मैं इस मामले को अदालत में लड़ूंगा और मुझे पूरा विश्वास है कि भारत के लोग हमारे साथ खड़े रहेंगे क्योंकि हम पत्रकारिता के रास्ते पर चलते हैं, जो राष्ट्र के लिए खड़ा है।

बता दें कि पटियाला हाउस कोर्ट ने गोस्वामी के खिलाफ ये आदेश थरूर की शिकायत पर दिया है। अदालत के आदेश में कहा गया है कि अर्नब और रिपब्लिक टीवी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। ये शिकायत थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत की जांच से संबंधित गोपनीय दस्तावेजों की चोरी के आरोप से जुड़ी है। मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र सिंह ने 21 जनवरी को दिए अपने आदेश में संबंधित एसएचओ को एफआईआर दर्ज करने और मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।

अदालत के आदेश में कहा गया है कि मामले की जांच की आवश्यकता है, क्योंकि यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपी व्यक्तियों के पास यह सामग्री कैसे आई। अदालत ने कहा, ‘‘यह कोर्ट देखेगी कि इस मामले में कितने लोगों की जांच की जानी है। इन परिस्थितियों में संबंधित एसएचओ को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और कानून के अनुसार जांच करने का निर्देश देती है।’’ अदालत ने इस मामले में सुनवाई की तिथि चार अप्रैल तय की है।

थरूर ने क्योंकि शिकायत?

थरूर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा ने अदालत को बताया कि मौत के मामले की जांच के दौरान, पुलिस ने मृतका की कई वस्तुओं या सामग्रियों को एकत्र किया था और शिकायतकर्ता और उनके एक सहयोगी नारायण सिंह के बयान दर्ज किए थे। ये सभी दस्तावेज और सामग्री गोपनीय रिकॉर्ड का हिस्सा थे और ये केवल जांच टीम के पास ही थे। साथ ही शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि रिपब्लिक टीवी पर कई प्रसारणों के दौरान समाचार चैनल पर कुछ दस्तावेज दिखाए गए थे, जिन्हें शिकायतकर्ता की पत्नी की मौत की जांच से संबंधित दस्तावेज बताया गया था।

बता दें कि टाइम्स नाउ से इस्तीफा देने के बाद गोस्वामी ने एनडीए के राज्यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर और बीजेपी समर्थक मोहनदास की मदद से बड़े ही धमाके के साथ 6 मई 2017 को अपने नए इंग्लिश चैनल ‘रिपब्लिक टीवी’ को लॉन्च किया था, जिसके बाद वह लगातार विवादों में हैं। शशि थरुर ने पिछले साल मई के महीने में दिल्ली हाई कोर्ट में अर्नब गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। गत वर्ष ही रिपब्लिक के एक पत्रकार ने दावा किया था कि, अर्नब गोस्वामी ने शशि थरूर को परेशान करने का आदेश दिया था। जिसके बाद पत्रकार ने चैनल से इस्तीफा दे दिया था।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here