फिल्मकारों द्वारा मोदी सरकार के खिलाफ वोट करने की अपील पर ट्वीट कर ट्रोल हुए अनुपम खेर

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लोकसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार के खिलाफ लोगों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। पिछले दिनों देश भर के 100 से अधिक फिल्मकारों ने लोगों से इस लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को वोट न करने की अपील की थी। भारतीय फिल्म जगत के करीब 100 सदस्यों ने 29 मार्च को देश के मतदाताओं से आगामी लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं देने अपील की।

अनुपम खेर
फाइल फोटो

फिल्म निर्माताओं ने एक वेबसाइट ‘डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट आर्टिस्टयुनाइटइंडिया डॉट कॉम’ पर यह अपील पोस्ट की है। इन लोगों ने अपने संदेश में कहा है कि फिल्मकार देश के लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकसाथ आए हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घोर समर्थक और बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता अनुपम खेर ने एक ऐसा ट्वीट किया है जिसे लेकर वह सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहे हैं।

चंडीगढ़ की बीजेपी सांसद किरण खेर के पति अनुपम खेर ने ट्वीट किया, “सुना है असहिष्णुता की खुजली के सताए हुए कुछ ख़ास क़िस्म के बरसाती मेंढक चुनावों से पहले एक बार फिर से बाहर निकल रहे है।”

हालांकि, उन्होंने अपने इस ट्वीट में किसी का जिक्र तो नहीं किया है, लेकिन उनका इशारा उन फिल्मकारों की तरफ ही था, जिन्होंने मतदाताओं को बीजेपी के खिलाफ वोट करने की अपील की है। सोशल मीडिया पर लोग खेर को ट्रोल कर रहे हैं। कई यूजर्स ने उनकी भाषा पर आपत्ति जताई है। देखिए, लोगों की प्रतिक्रियाएं:

बीजेपी को वोट न करने की अपील करने वाले इन फिल्म निर्माताओं में अधिकतर स्वतंत्र सिनेमा बनाने के लिए जाने जाते हैं। इन हस्ताक्षरकर्ताओं में बड़े नाम जैसे वेत्री मारन, आनंद पटवर्धन, सनलकुमार शशीधरन, सुदेवन, दीपा धनराज, गुरविंदर सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, कबीर सिंह चौधरी, अंजलि मोनटिअरो, प्रवीण मोरछाले, दोवाशीष मखीजा, आशिक अबु और फिल्म संपादक बीना पॉल शामिल हैं। इन सभी के अलावा कई और बड़े नाम शामिल हैं।

बयान में कहा गया है, “हमारा देश अबतक के सबसे मुश्किल समय से गुजर रहा है। सांस्कृतिक रूप से जीवंत और भौगोलिक रूप से विविध, हम एक देश के रूप में हमेशा एकजुट रहे हैं। इस बेहतरीन देश का नागरिक होना हमेशा महान एहसास रहा है..लेकिन अब यह सभी कुछ दांव पर है।” बयान के अनुसार, “अगर हम आगामी लोकसभा चुनाव में बुद्धिमत्ता के साथ सरकार नहीं चुनेंगे तो फासिस्टवाद का खतरा अपनी पूरी ताकत के साथ हमपर हमला करेगा।”

देश में ‘ध्रुवीकरण की मुहिम और घृणा राजनीति, गोरक्षा के नाम पर हिंसा, दलितों, मुसलमानों और किसानों को हाशिये पर ढकेले जाने और सेंसरशिप के बढ़ने’ का हवाला देते हुए बयान में कहा गया है, “जैसा की हम सब जानते हैं कि भाजपा जब से सत्ता में आई है, चीजें बदल गई हैं और यह बदतर होती जा रही हैं। अगर कोई भी उनसे जरा सी भी असहमति जताता है तो उसे देशद्रोही ठहरा दिया जाता है।”

 

 

 

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