गांधी परिवार से रिश्तों में दरार पर बोले अमिताभ बच्चन कहा- ‘हम दोस्त हैं’

0

महानायक अमिताभ बच्चन का राजनीति के साथ भले ही कम समय वास्ता रहा हो लेकिन उनका कहना है कि उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र इलाहाबाद के लोगों से किए गए वादों को पूरा नहीं कर पाने का मलाल है जिसके कारण वह अब भी उस दौर से उबर नहीं पाए हैं.

बिग बी ने अपने पुराने पारिवारिक दोस्त राजीव गांधी के समर्थन में राजनीति में प्रवेश करने के लिए 1984 में अभिनय से कुछ समय के लिए दूरी बनाई थी. उन्होंने इलाहाबाद सीट से चुनाव लड़ा था और बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी. हालांकि उनका राजनीतिक करियर थोड़े समय के लिए ही रहा क्योंकि उन्होंने तीन साल बाद ही इस्तीफा दे दिया था.

Also Read:  Rahul Gandhi calls Sukhbir Badal 'symbol of corruption', attacks Modi

उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसके बारे में अक्सर सोचता हूं क्योंकि ऐसे कई वादे होते हैं जो एक व्यक्ति लोगों से वोट मांगते समय चुनाव प्रचार के दौरान करता है. उन वादों को पूरा नहीं कर पाने की मेरी असमर्थता से मुझे दुख होता है. अगर कोई ऐसी चीज है जिसका मुझे पछतावा है तो यह वही है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इलाहाबाद शहर और इसके लोगों से कई वादे किए थे लेकिन मैं उन्हें पूरा नहीं कर पाया.’’

Also Read:  दादरी में भाजपा लीडर की अगवाई में लोगों ने क़ानून की खिल्ली उड़ाई और अखिलेश यादव की पुलिस तमाशा देखती रही

भाषा की खबर के अनुसार, बच्चन ने एक कार्यक्रम ‘‘ऑफ द कफ’’ में शेखर गुप्ता और बरखा दत्त के साथ बातचीत के दौरान कहा, ‘‘मैंने वह सब करने की कोशिश की जो मैं समाज के लिए कर सकता था लेकिन इस बात को लेकर इलाहाबाद के लोगों में मेरे प्रति हमेशा नाराजगी रहेगी.’’

उन्होंने कहा, “मेरे ख्याल से मेरा वह फैसला भावनात्मक था. मैं एक दोस्त की मदद करना चाहता था इसलिए राजनीति में आया. लेकिन राजनीति में जाने के बाद पता चला यहां भावनाओं के लिए कोई जगह नहीं हैं. मुझे लगा कि मैं यह नहीं कर सकता और इसलिए राजनीति छोड़ दी.”

Also Read:  शूटिंग केे दौरान रजनीकांत के पैर में लगी चोट

जब उनसे पूछा गया कि क्या राजनीति छोड़ने के उनके फैसले से राजीव गांधी और गांधी परिवार से उनके संबंधों में दरार आई तो उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि इससे हमारी दोस्ती में कोई फर्क पड़ा.” जब उनसे आगे पूछा गया कि वह उस दोस्ती के बारे में बात क्यों नहीं करते तो उन्होंने कहा, “आप दोस्ती के बारे में कैसे बात करते हैं? हम दोस्त हैं.”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here