BJP अध्यक्ष अमित शाह ने बेटे जय शाह पर लगे आरोपों पर पहली बार तोड़ी चुप्पी, जानिए- क्या कहा?

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भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पहली बार अपने बेटे जय शाह की कंपनी पर आर्थिक अनियमितता के आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि जय की कंपनी ने सरकार के साथ कोई कारोबार नहीं किया है, कोई सरकारी जमीन नहीं ली है और न ही कोई ठेका लिया है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे जय शाह की कंपनी में भ्रष्टाचार का कोई सवाल ही नहीं है। कांग्रेस के पास अगर कोई सबूत है तो उन्हें कोर्ट में पेश करना चाहिए।इंडिया टुडे के एक कार्यक्रम में शुक्रवार(13 अक्टूबर) को अमित शाह ने बेटे का बचाव करते हुए कहा कि जय की कंपनी पूरी तरह से कमोडिटी एक्सपोर्ट का बिजनेस है। इसमें टर्नओवर ज्यादा होता है, जबकि मुनाफा कम होता है। उन्होंने कहा कि चावल, मक्का और तिलहन को आयात किया है और धनिया का निर्यात किया है। इसलिए उसका इतना बड़ा टर्नओवर है।

बीजेपी अध्यक्ष ने ‘द वायर’ की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस कंपनी का टर्नओवर 80 करोड़ का हुआ ये तो बता रहे हैं, लेकिन कितना मुनाफा हुआ यह कोई नहीं बताता। शाह ने कहा कि 80 करोड़ के टर्नओवर के बाद 1.5 करोड़ का नुकसान भी हुआ। तो फिर कहां मनी लॉन्ड्रिंग हुई। उन्होंने कहा कि सारा लेनदेन बैंक और चेक के माध्यम से हुआ और सारा ट्रांजेक्शन एक्सपोर्ट का है।

कांग्रेस पर बोला हमला

अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद से कांग्रेस पर अब तक भ्रष्टाचार के तमाम आरोप लगे हैं। क्या आज तक उन्होंने कभी मानहानि का केस दायर किया? शाह ने कहा कि मेरे बेटे ने अदालत जाकर 100 करोड़ की मानहानि का केस किया है और पूरे मामले की खुद ही जांच कराने की मांग की है। हम पर आरोप लगा तो हमने 100 करोड़ का मानहानि केस कर दिया। कांग्रेस पर इतने आरोप लगे उन लोगों ने कितने पर केस किया? अगर उनके पास सबूत है तो सामने आए।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, न्यूज वेबसाइट ‘द वायर’ ने एक रिपोर्ट में दावा किया है कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय अमितभाई शाह की स्वामित्व वाली कंपनी का सालाना टर्नओवर नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री और पिता अमित शाह के पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद 16,000 गुना बढ़ गया। वेबसाइट के मुताबिक, यह खुलासा रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) में दाखिल किए गए दस्तावेजों से सामने आई है।

द वायर ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि कंपनी की बैलेंस शीटों और आरओसी से हासिल की गई वार्षिक रिपोर्टों के मुताबिक, वर्ष 2013 और 2014 के मार्च में समाप्त होने वाले वित्तीय वर्षों में शाह की टेंपल इंटरप्राइज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कोई खास कारोबार नहीं कर रही थी और इन वर्षों में कंपनी को क्रमशः 6,230 और 1,724 रुपये का घाटा हुआ।

वहीं, 2014-15 में कंपनी ने महज 50,000 रुपये की आमदनी पर 18,728 रुपये का लाभ दिखाया। जबकि 2015-16 में कंपनी का टर्नओवर आसमान में छलांग लगाते हुए बढ़कर 80.5 करोड़ रुपये को छू गया। यह 2014-15 के मुकाबले 16 हजार गुना ज्यादा है।

वेबसाइट का दावा है कि टेंपल इंटरप्राइज के राजस्व में यह हैरान करने वाली बढ़ोत्तरी एक ऐसे समय में हुई जब कंपनी को राज्यसभा सांसद और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शीर्ष एक्जीक्यूटिव परिमल नाथवानी के समधी राजेश खंडवाला के स्वामित्व वाली एक वित्तीय सेवा कंपनी से 15.78 करोड़ रुपये का असुरक्षित कर्ज मिला था।

हालांकि, एक साल बाद अक्टूबर, 2016 में जय शाह की कंपनी ने अपनी व्यापारिक गतिविधियों को अचानक पूरी तरह से बंद कर दिया। द वायर के मुताबिक, निदेशकों की रिपोर्ट में यह कहा गया कि पिछले वर्ष हुए 1.4 करोड़ रुपये के घाटे और इससे पहले के सालों में होने वाले नुकसानों के कारण कंपनी का नेटवर्थ पूरी तरह से समाप्त हो गया है।

100 करोड़ का दायर किया केस

इस मामले में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह ने वेब पोर्टल ‘द वायर’ से जुड़े सात लोगों के खिलाफ 100 करोड़ रुपये की आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है। अहमदाबाद के मेट्रोपॉलिटन कोर्ट में जय अमितभाई शाह ने ‘द वायर’ की रिपोर्टर रोहिणी सिंह, फाउंडर एडिटर सिद्धार्थ वरदराजन, सिद्धार्थ भाटिया, एमके वेणु, मोनोबिना गुप्ता, पामेला फिलिपोज को इस मानहानि केस में पार्टी बनाया है। जय शाह ने ‘द वायर’ की मिल्कियत रखने वाले ट्रस्ट ‘फ़ाउंडेशन फ़ॉर इंडिपेंडेंट जर्नलिज़्म’ पर भी केस किया है।

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