जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में 10 जुलाई को अमरनाथ तीर्थ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले में घायल एक महिला श्रद्धालु की रविवार(16 जुलाई) को सुबह अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 47 वर्षीय ललिता ने श्रीनगर के एसकेआईएमएस अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महिला की मौत के साथ ही इस हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है।
बता दें कि 10 जुलाई को पाक परस्त आतंकियों ने अमरनाथ यात्रियों की बस पर हमला कर दिया था। इसमें सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। जबकि 32 अन्य घायल हो गए थे। मरने वालों में छह महिलाएं शामिल हैं। घायलों में से कई की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। उन्हें अनंतनाग और श्रीनगर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक दो हमलावर बाइक पर आए थे। आतंकवादियों ने पहले पुलिस की बख्तरबंद गाड़ी पर हमला किया। जब पुलिस ने जवाबी गोलीबारी की तो आतंकवादी अंधाधुंध गोलियां चलाते हुए फरार हो गए। अमरनाथ यात्रियों से भरी एक बस सोनमर्ग से आ रही थी।
श्रद्धालु अमरनाथ गुफा के दर्शन करके वापस लौट रहे थे। इसी दौरान आतंकियों ने बस पर फायरिंग करनी शुरू कर दी। हमले के बाद एहतियात के तौर पर जम्मू-श्रीनगर हाईवे को बंद कर दिया गया है। मरने वाले सभी श्रद्धालु गुजरात के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है अगर ड्राइवर सलीम शेख ने बहादुरी और समझदारी न दिखाता तो मरने वालो की तादाद और बढ़ सकती थी।
सलीम की सूझबूझ से दूसरे यात्रियों की जान बच गई। अमरनाथ यात्रियों से भरी जिस बस पर आतंकियों ने हमला किया, उसके ड्राइवर सलीम शेख की बहादुरी के चर्चे अब हर जगह हैं। दरअसल, हमले के बाद सलीम ने दिलेरी और जांबाजी दिखाते हुए तब तक बस को चलाना जारी रखा, जब तक बस आतंकियों की पहुंच से दूर नहीं हो गई।
इस बार अमरनाथ यात्र 29 जून को आरंभ हुई थी और 7 अगस्त तक चलेगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तीर्थयात्र के शांतिपूर्ण संचालन के लिए राज्य सरकार की मदद हेतु 40,000 अतिरिक्त केंद्रीय सुरक्षाबलों की तैनाती की है। सुरक्षाबल श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा, ड्रोन, बुलेटप्रूफ मोबाइल बंकर सहित अन्य उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं।



















