‘गरीबों ने नोटबंदी पर मोदी का साथ इस उम्मीद में दिया कि अमीरों पर डंडा चलेगा, आज गरीब ठगा महसूस नहीं कर रहे होंगे?’

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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने पिछले साल 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोटबंदी की घोषणा के बाद बैंकों में लौटे पांच सौ और हजार के पुराने नोटों का बुधवार(30 अगस्त) को पहली बार आंकड़ा जारी किया। आरबीआई ने बताया कि पुराने नोटों में 99 फीसदी बैंकिंग प्रणाली में वापस आ गए हैं। इस रिपोर्ट में नोटबंदी के बाद मार्च 2017 तक की स्थिति की जानकारी दी गई है।

अमेरिकी अखबार
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रिजर्व बैंक ने वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि प्रतिबंधित मुद्रा में से 15.28 लाख करोड़ रुपये बैंकिंग सिस्टम में वापस आ गए और मात्र 16,050 करोड़ ही उसके पास नहीं लौट सकी है। नोटबंदी से पहले 500 रुपये के 1,716.5 करोड़ और 1,000 रुपये के 685.8 करोड़ नोट चलन में थे, जिनका कुल मूल्य 15.44 लाख करोड़ रुपये था। आंकड़ों के मुताबिक, 1000 रुपये के 8.9 करोड़ नोट (1.3 फीसदी) नहीं लौटे हैं।

मोदी सरकार ने आठ नवंबर 2016 को 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने का फैसला किया था और उन्हें बैंकों को वापस जमा करने का निर्देश जारी किया था। नोटबंदी के कदम के समर्थन में सरकार ने कहा था कि इससे कालेधन, भ्रष्टाचार और नकली मुद्रा पर लगाम लगेगी। रिपोर्ट आने के बाद विपक्षी पार्टियां तो सरकार को घेर ही रही हैं, सोशल मीडिया पर भी लोग इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं।

https://twitter.com/TheYogeshThakur/status/903092191458992128

https://twitter.com/RoflCritic/status/903163919656787969

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