शर्मनाक: नहीं थम रहा मासूम बच्चियों से दरिंदगी का सिलसिला, अब इंदौर में दुधमुंही बच्ची की रेप के बाद हत्या

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उत्तर प्रदेश के उन्नाव रेप मामले और जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में 8 साल की मासूम बच्ची से गैंगरेप और उसकी नृशंस हत्या का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि अब मध्य प्रदेश के इंदौर से एक ऐसा मामला सामने आया है जो इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला है।

photo- ndtv

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार(20 अप्रैल) को तड़के इंदौर में अपहरण और कथित-तौर पर बलात्कार के बाद एक छह माह की मासूम बच्ची की हत्या कर दी गयी। पुलिस ने मामले में सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के आधार पर एक आरोपी की पहचान की है जो बच्ची के परिजन का परिचित है।

पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) हरिनारायणाचारी मिश्रा ने बताया कि आम लोगों की सूचना पर राजबाड़ा क्षेत्र की एक वाणिज्यिक इमारत के बेसमेंट में दोपहर बच्ची का लहुलूहान शव बरामद किया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने बताया कि दुधमुंही बच्ची के परिजन बेहद गरीब हैं, वे गुब्बारे बेचकर गुजारा करते हैं। उनके पास अपना घर तक नहीं है, वे ऐतिहासिक राजबाड़ा महल के बाहर बच्ची के साथ खुले में सो रहे थे। सुनील भील (21) नाम के एक युवक ने उनके बगल में सो रही बच्ची को कथित तौर पर अगवा कर लिया। फिर वह उसे करीब 50 मीटर दूर स्थित वाणिज्यिक इमारत के तलघर में ले गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, साथ ही डीआईजी ने बताया कि बच्ची के घबराये परिजन उसे सुबह से जगह-जगह तलाश कर रहे थे, दोपहर में बच्ची की लाश मिली। मिश्रा ने कहा कि, ‘हम जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लेंगे, इसके बाद मामले में अदालत में यथाशीघ्र आरोप पत्र भी पेश किया जायेगा।’

वहीं, इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि, ‘इतनी छोटी बच्ची के साथ ऐसा घिनौना कृत्य, समाज को अपने अंदर झांकने की ज़रूरत है।’

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, ‘आज मन बहुत व्यथित है, इंदौर की घटना ने आत्मा को झकझोर दिया है। इतनी छोटी बच्ची के साथ ऐसा घिनौना कृत्य। समाज को अपने अंदर झांकने की ज़रूरत है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ़्तार किया है। हम सुनिश्चित करेंगे कि उसे जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सज़ा मिले।

बता दें कि, जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में एक नाबालिग मासूम बच्ची के साथ हुए गैंगरेप व हत्या और उत्तर प्रदेश के उन्‍नाव गैंगरेप की घटनाओं के बाद देश से लेकर विदेश तक में पैदा हुए आक्रोश के बीच केंद्र की मोदी सरकार ने कानून को और सख्त बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सरकार अब 0 -12 साल की उम्र के बच्चों से रेप करने के मामलों में मौत की सजा का प्रावधान करने जा रही है। केंद्र ने इस बाबत को लेकर शुक्रवार(20 अप्रैल) को सुप्रीम कोर्ट में एक रिपोर्ट भी सौंपी है।

समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, केंद्र सरकार ने रिपोर्ट के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि 0-12 साल के बच्चों से रेप के मामले में POCSO ऐक्ट में संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे दोषियों को अधिकतम दंड के तौर पर मौत की सजा दी जा सके। एक जनहित याचिका के जवाब में केंद्र ने यह रिपोर्ट सौंपी। इस मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।

बता दें कि, पिछले आठ दिन से दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल महिलाओं और बच्चियों से रेप जैसे जघन्य अपराध के खिलाफ कठोर कानून की मांग को लेकर अनशन पर बैठी हुई है। वहीं, कठुआ गैंगरेप का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ है। देशभर में पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन हो रहे हैं।

बता दें कि, नाबालिग बच्चियों के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों की वजह से देश में रेप के आरोपियों को मौत की सजा देने की मांग तेजी से उठी। जिसके बाद महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा था कि वह बलात्कारियों को मौत की सजा देने के लिए कानून में संशोधन करने पर विचार कर रही है।

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