छुट्टी पर भेजे गए CBI डायरेक्टर आलोक वर्मा के घर के बाहर से चार संदिग्ध लोगों को किया गया गिरफ्तार, चारों के पास से IB के मिले हैं कार्ड

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इस समय देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) खुद सवालों के घेरे में आ गई है। सीबीआई के दो सीनियर अधिकारी एक दूसरे के ऊपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। सीबीआई में छिड़े घमासान के बीच अब हर रोज नया मोड़ आ रहा है। गुरुवार सुबह छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई चीफ आलोक वर्मा के घर के बाहर उस समय हंगामा मच गई, जब वहां से चार संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। ये चारों देर रात से आलोक वर्मा के घर के बाहर घूम रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आलोक वर्मा के घर के बाहर से गुरुवार (25 अक्टूबर) को चार संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन चारो संदिग्धों पर वर्मा के घर के पास जासूसी करने का आरोप है। फिलहाल चारों संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। ये चारों संदिग्ध एक कार में आए थे, पुलिस ने कार भी बरामद कर ली है। जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार किए गए चारो लोगों से दिल्ली पुलिस पूछताछ कर रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें सबसे हैरानी की बात यह है कि इन चारों संदिग्धों के पास इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के कार्ड मिले हैं। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि क्या ये आईबी के असली अधिकारी हैं। उनके पास मिले पहचान पत्र के मुताबिक, वे चारों आईबी के अधिकारी हैं। इनके नाम धीरज, प्रशांत, विनीत बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक बुधवार देर रात चार लोग दो गाड़ियों में सवार होकर आए थे।

इसके बाद वे चारों वर्मा के घर के बाहर चक्कर लगाने लगे। वर्मा की सुरक्षा में लगे अधिकारियों को इनकी गतिविधियों पर शक हुआ। जिसके बाद जब सुरक्षाकर्मियों ने उनको पकड़ने की कोशिश की, तो वे भागने लगे। कुछ देर तक सुरक्षाकर्मियों और उनमें झड़प हुई। इसके बाद चारों को काबू में कर पूछताछ के लिए गिरफ्तार कर लिया गया।

आपको बता दें कि सीबीआई में आतंरिक कलह के मद्देनजर मोदी सरकार ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया है। वहीं संयुक्त निदेशक एम नागेश्वर राव को तत्काल प्रभाव से अंतरिम निदेशक नियुक्त कर दिया है। ओडिशा कैडर के 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी राव ने मंगलवार रात ही पदभार संभाल लिया।

इस बीच केंद्र के इस कदम के खिलाफ सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा बुधवार (24 अक्टूबर) को सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। सुप्रीम कोर्ट को वर्मा की अर्जी पर सुनवाई करने पर सहमत हो गया है। यह सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी। वर्मा ने खुद को छुट्टी पर भेजे जाने और सारे अधिकार वापस ले लिए जाने के केंद्र के फैसले को चुनौती दी है। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ वर्मा की दलीलों से सहमत हुई और कहा कि याचिका पर 26 अक्टूबर को सुनवाई की जाएगी।

सीबीआई प्रमुख वर्मा ने संयुक्त निदेशक एम नागेश्वर राव को जांच एजेंसी का प्रभारी निदेशक नियुक्त किए जाने के फैसले को भी चुनौती दी है। वर्मा के वकील गोपाल शंकरनारायणन ने मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष यह मामला रखा। शंकरनाराणन ने पीठ को बताया कि केंद्र ने वर्मा और सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को अवकाश पर भेजने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यदि वर्मा अवकाश पर गए तो कई मामलों की जांच प्रभावित होगी।

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