राज्यसभा में अबोहर घटना पर हंगामा, सुषमा का बयान अनसुना

0

राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार को पंजाब के फाजिल्का जिले के अबोहर में दो दलित व्यक्तियों के हाथ-पांव काटे जाने की घृणित घटना के विरोध में कांग्रेस नेताओं के विरोध-प्रदर्शन के चलते बाधित रही।

कांग्रेस सदस्यों ने सदन में पंजाब सरकार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इस बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा सदन में अपने पाकिस्तान दौरे के संबंध में दिया गया बयान भी गुस्साए कांग्रेस सदस्यों के हंगामे में दबकर रह गया।

सुषमा जैसे ही अपना बयान पढ़ने के लिए उठीं कांग्रेस सदस्य विरोध स्वरूप सभापति की आसंदी के करीब एकत्रित हो गए व सरकार को ‘दलित विरोध’ करार दिया और पंजाब सरकार को बर्खास्त करने की मांग की।

Also Read:  नोटबंदी मुद्दे पर राज्यसभा में गतिरोध कायम, पूरे दिन चढ़ा हंगामे की भेंट

विदेश मंत्री ने हंगामे के बीच अपना बयान पढ़ा। हालांकि यह कांग्रेस सदस्यों के हो-हंगामे में दबकर रह गया।

सदन के अंदर फैली अराजकता से दुखी उप-सभापति पी.जे. कुरियन ने प्रदर्शनकारी सदस्यों से कहा, “यह सर्वाधिक अलोकतांत्रिक व दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ सदस्यों ने सदन में अव्यवस्था ला दी है।”

इस बीच सदन की कार्यवाही थोड़ी देर के लिए स्थगित कर दी गई, लेकिन कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी कमोबेश वैसे ही नजारे देखने को मिले।

संसदीय मामलों के राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले में कार्रवाई करेगी।

Also Read:  राजीव मरते नहीं, राजीव मरा नहीं करते

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार को पंजाब के सत्तारूढ़ अकाली दल के एक नेता के फार्महाउस में दो दलित व्यक्तियों के हाथ-पांव काट दिए गए। दो में से एक पीड़ित भीम टांक ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया था। वहीं, गुजरंत सिंह का एक हाथ काट दिया गया था, उसे अमृतसर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत गंभीर बताई गई है।

विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है।

उन्होंने कहा, “अबोहर में अकाली दल के नेता के फार्महाउस में दलित भीम को जिस तरह शिव लाल डोडा ने बुलाया और उसके हाथ-पांव काटे, यह जंगलराज की घटना है।”

Also Read:  भयंकर बहस के बाद लंच ब्रेक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डॉ मनमोहन सिंह का हैंड शेक

वहीं, बहुजन समाज पार्टी(बसपा)की नेता मायावती ने अबोहर में हुई घटना को ‘शर्मनाक’ बताया।

उन्होंने कहा, “इसके पीछे राज्य का शराब माफिया है।”

इस मामले को लेकर राज्यसभा में हंगामा जारी रहा, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई।

सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी कमोबेश वैसे ही नजारे देखने के लिए मिले। जिन्हें देखते हुए सभापति एम. हामिद अंसारी ने सदन की कार्यवाही पहले अपराह्न् 12.30 बजे तक और उसके बाद अपराह्न् दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here