‘पाकिस्तान से शहीदों के गले वापस लाने की बात करने वाले आज खुद पाकिस्तान के गले लग रहे हैं’

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अलका लाम्बा

बापू जिन्होंने सदा विश्व को सत्य, अहिंसा और भाई चारे का सन्देश दिया उसी बापू के देश भारत में आखिर किसे आपत्ति हो सकती है और कौन नहीं चाहेगा की भारत देश के सम्बन्ध दूसरे देशों से बेहतर हो खास कर के अपने पडोसी देशों के साथ।

बात यहाँ कथनी और करनी की है,जब बीजेपी विपक्ष में होती है या फिर चुनावों में,चुनाव केंद्र के हो या फिर राज्यों के बीजेपी पाकिस्तान को गाली देने और एक आतंकी देश साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ती,और अगर उस समय उनके सामने कोई उन्हें चुनोती देने खड़ा हो जाये तो वह उसे पाकिस्तान का दलाल कहने और उसे पाकिस्तान भेज देने की धमकी तक दे डालते हैं।

यह तो है बीजेपी नेताओं की कथनी,जिसका एक उद्धरण पेश करने के लिये मोदी जी का आप की अदालत का एक वीडियो और सुषमा स्वराज जी के संसद में अनेकों भाषण और ट्वीट आज इस बात ही गवाही देने के लिये बहुत हैं की विपक्ष में रहते हुये बीजेपी का रवैया पाकिस्तान के प्रति कैसा रहा करता था।हाल ही में बिहार चुनावों में बीजेपी के राष्ट्रिय अध्यक्ष अमित शाह ने अपनी चुनावी सभा में यहाँ तक कह डाला की अगर बिहार में बीजेपी हारी तो पाकिस्तान में पटाखें फोड़ें जायेगें वो अलग बात है की बिहार चुनाव परिणाम आने के बाद बीजेपी ने अपना ही सर फोड़ लिया और हार का मुहँ देखने को मिला।

सुषमा स्वराज जी का 26 सितम्बर 2013 तब के प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह जी को किया गया ट्वीट अब जरा देखिये,

“Mr Prime Minister – No dialogue over dead bodies. Pl cancel your meeting with Nawaz Sharif.”

4 जनवरी 2014 को बीजेपी नेता राम माधव का ट्वीट भी पढ़ लीजिये क्या लिखते हैं

“Jaitleyji raised imp issue. PM shud spell out d details of d ‘Sauda’ BTW him n Pakistan as indicated in his PC yesterday. What was d sellout.”

भारत यह जरूर जानना और समझना चाहेगा की पिछले दो सालों में कैसा क्या कुछ बदला की आज पाकिस्तान को लेकर मोदी सरकार का नजरिया और रुख दोनों पूरी तरहा से बदल गये?

जो मोदी सरकार और बीजेपी की कथनी और करनी में जमीं आसमान का अंतर देखने को मिल रहा है।

जो दूसरों को पाकिस्तान का अब तक दलाल कहते रहे और पाकिस्तान भेजते नहीं थकते थे आज खुद पाकिस्तान की गोद में जा बैठे।
जो एक समय में पाकिस्तान से शहीदों के गले वापस लाने की बात करते थे आज खुद पाकिस्तान के गले लग रहे हैं,हाथ में हाथ डाल ना जाने क्या साबित और हासिल करना चाहते हैं।

हमें भूलना नहीं चाहिये,यही रुख भारत का पाकिस्तान के प्रति केंद्र में अटल बिहारी बाजपाई जी के सरकार के दौरान भी देखा गया था,आगरा समित,लाहौर बस यात्रा के बाद मिला क्या,कारगिल पर हमला,संसद पर हमला,कंधार अपहरण??

आज भी सीमा पर सीज़ फायर का निरंतर उलंघन हो रहा है,आज भी आतंकी हमले थामे नहीं,आज भी हमारे जवान शहीद हो रहे हैं।

बदली तो सिर्फ केंद्र की सरकार और सबसे अधिक चौकाने वाली बात बीजेपी का पाकिस्तान के प्रति सोच का बदलना।

बीजेपी के नेता मोदी जी के अचानक दौरे को मोदी सरकार की राजनयिक जीत के तौर पर देख रही है,यह तो अब आने वाला समय ही बतायेगा की मोदी जी के इस अचानक और व्यक्तिगत लिए गए फैसले का अंजाम क्या होता है।

क्या अब सीज़ फायर का उलंघन नहीं होगा?क्या अब हमारे जवान सरहद पर शहीद नहीं होंगें? क्या अब आतंकी हमले नहीं होंगें?क्या अब कश्मीर मुद्दे पर चर्चा नहीं होगी?

लिखने को तो और भी बहुत कुछ है परन्तु अब लिखने से ज्यदा देखने,समझने और परखने का समय है मोदी सरकार को और पाकिस्तान को भी।
नजर रखिये,सचेत और सावधान रहिये।

वो कहते है ना “सावधानी हटी दुर्घटना घटी”।

ये हम पे किसने हरा रंग डाला … इश्ह्ह् !!!

पाक रंग में रंगी कुछ तस्वीरों के साथ..

शुभकामनायों सहित नव वर्ष की हार्दिक बधाई।

जय हिन्द।

The author is an Aam Aadmi Party’s MLA from Chandni Chowk and Parliamentary Secretary, Tourism in Delhi government.

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