FTII में बवाल, आधी रात को कैंपस से गिरफ्तार किए गए 5 छात्र, देश भर से तीखी प्रतिक्रिया

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पुलिस ने भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII) के निदेशक प्रशांत पाथराबे का घेराव करने के संबंध में संस्थान के पांच छात्रों को दंगा करने एवं अन्य आरोपों के तहत मंगलवार आधी रात को गिरफ्तार किया. पाथराबे ने 17 छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमे 5 को गिरफ्तार किया गया है.

छात्रों ने 2008 के बैच के अधूरे डिप्लोमा प्रोजेक्ट के आकलन करने के निर्णय के विरोध में घेराव किया था. जिस पर पाथराबे ने पुलिस में  शिकायत में कहा था कि सोमवार रात उन्हें 6 घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया था.

और इसी कारण इन सभी आरोपी छात्रों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के सेक्शन 147 (दंगा), 143, 149 (गैरकानूनी जुटान), 353 (सरकारी काम में बाधा), 341 (गलत हस्तक्षेप) और 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने) के तहत मामले दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार किए गए छात्रों में एफटीआईआई स्टूडेंटस एसोसिएशन (एफएसए) के प्रतिनिधि विकास अर्स भी शामिल हैं.

इस मामले पर पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) टी. तुषार दोशी ने कहा कि 15 छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिनमें से पांच छात्रों को गिरफ्तार किया गया है. पाथराबे की शिकायत के आधार पर दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि आरोपियों ने कार्यालय की अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी संस्थान के निदेशक को गलत तरीके से वहां रोके रखा और आकलन संबंधी कार्य के बारे में पूछताछ करके उनका मानसिक रुप से उत्पीड़न किया.

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छात्रों के खिलाफ निदेशक के कार्यालय में तोड़फोड़ करने और खिड़कियों के शीशे, कम्प्युटर और मेज तोड़ने का आरोप भी लगाया गया है. जबकि छात्रों का आरोप है कि इसका मकसद मौजूदा विरोध को कमजोर करना है.

संस्थान के अध्यक्ष के तौर पर टेलीविजन अभिनेता गजेंद्र चौहान की नियुक्ति के बाद से ही छात्रों द्वारा पिछले 69 दिनों से हड़ताल और प्रदर्शन चल रहा है . गौरतलब हो कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने दिल्ली में तीन जुलाई को हुई बातचीत असफल रहने के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ आगे वार्ता करने से इनकार कर दिया है. और तीन जुलाई को हुई बातचीत के दौरान अधिकारियों ने चौहान को हटाए जाने की मांग पर कोई ध्यान नहीं देते हुए छात्रों से कक्षाओं में लौटने को कहा था. क्योंकि छात्रों ने 12 जून से कक्षाओं का बहिष्कार किया हुआ है.

इस मामले पर बॉलीवुड के हस्तिओं ने भी अपनी राय दी है और इस गिरफ़्तारी की निंदा की है. इन हस्तियों में शेखर कपूर, रजत कपूर, हंसल मेहता और विशाल ददलानी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल भी शामिल हैं.

फिल्मकार शेखर कपूर ने ट्विटर पर लिखा, एक समय था, जब एफटीआईआई को एशिया के सर्वश्रेष्ठ फिल्म स्कूलों में से एक माना जाता था और यहां से होनहार लोग निकलते थे. क्या हो गया है.

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निर्देशक रजत कपूर ने ट्वीट किया, “यह बहुत स्तब्ध करने वाला है कि सरकार एफटीआईआई के लिए सही सोच वाला सही व्यक्ति नहीं खोज सकती. बल्कि वह इस मामले को इस अव्यवस्था का रूप लेने देगी.”

संगीतकार विशाल ददलानी ने लिखा, “किसी सरकार को इतनी जल्दी, इतना नीचे गिरते हुए कभी नहीं देखा. झूठ के बड़े-बड़े पुलिंदे उपलब्धियां बताकर बेचे जा रहे हैं, जबकि आजादी को रोजाना कुचला जा रहा है। हैशटैग जयहिंद हैशटैग एफटीआईआई.”

फिल्मकार अनुभव सिन्हा ने लिखा, “बेहद निंदनीय. आप असहमति जता रहे छात्रों को गिरफ्तार नहीं कर सकते. हैशटैग एफटीआईआई.”

इसी तरह गजेंद्र चौहान को एफटीआईआई का अध्यक्ष बनाए जाने पर नाराजगी जाहिर कर चुके ऑस्कर विजेता साउंड इंजीनियर पूकुट्टी ने कहा,

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“पुलिस आधी रात को एफटीआईआई पहुंची और 40 छात्रों को गिरफ्तार कर लिया. तो क्या वे वाकई राष्ट्रविरोधी हैं या फिर पुलिस आदेशों का पालन कर रही है. फिल्म शाहिद के निर्देशक मेहता ने कहा, अवज्ञा आजादी की असल नींव है. वे दास होते हैं, जो आज्ञाकारी होते हैं- हेनरी डेविड थोरियू- हैशटैग एफटीआईआई.”

इसके साथ साथ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी एफटीआईआई के पांच छात्रों की गिरफ्तारी की निंदा की है. केजरीवाल ने कहा कि एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का संस्थान सरकार के गलत फैसलों से बर्बाद हो रहा है. केजरीवाल ने एफटीआईआई के विद्यार्थियों को ऑफर दिया कि जब तक केंद्र सरकार आपकी मांगे नहीं मान लेती, तब तक दिल्ली सरकार आपके लिए अस्थायी जगह की व्यवस्था कर सकती है, जहां आपकी क्लास सुचारू रूप से चल सके. केजरीवाल ने कहा कि अगर केंद्र सरकार आपकी मांगें नहीं मानती हैं, तो हम इस जगह को एक संस्थान में बदल देंगे और विद्यार्थी यहीं पढ़ाई कर पाएंगे.

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