कोरोना लॉकडाउन: एक साल के मासूम बेटे के इलाज के लिए 30 किमी पैदल चलकर अस्पताल पहुंची महिला, पुलिसकर्मियों ने भी नहीं की कोई मदद

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भारत में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार की रात देश को संबोधित करते हुए ऐलान किया था कि ‘आज रात 12 बजे से पूरे देश में संपूर्ण लॉकडाउन होगा, उन्होंने कहा कि ये लॉकडाउन कर्फ्यू की तरह ही होगा।’ लॉकडाउन की वजह से देश के कई हिस्सों में लोगों को बहुत परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। इस बीच, लॉकडाउन की वजह से अपने बीमार एक साल के मासूम बेटे के इलाज के लिए एक महिला गुरुवार को तीस किलोमीटर पैदल चलकर अस्पताल पहुंची।

लॉकडाउन
फोटो: सोशल मीडिया

समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मनुताबिक, चित्रकूट जिले के ऐंचवारा गांव की रहने वाली महिला माया देवी अपने पूरे परिवार के साथ मध्य प्रदेश के गुप्तगोदावरी के पास रहती है। दो दिन से उसके एक साल के बेटे की तबियत खराब चल रही थी। गुरुवार की तड़के जब ज्यादा तबियत खराब हुई तो महिला इलाज कराने के लिए गुप्तगोदावरी से चित्रकूट की तीस किलोमीटर की दूरी पैदल चलकर कर्वी आयी और एक निजी अस्पताल में अपने बेटे का इलाज करवाया।

माया देवी ने शुक्रवार को बताया कि उसके बेटे की तबियत बहुत ज्यादा खराब थी। गुरुवार तड़के जब बेटे गुप्तगोदावरी से पैदल चली तो रास्ते में कोई वाहन नहीं मिला। कई पुलिसकर्मियों से मदद की गुहार लगाई लेकिन लॉकडाउन की वजह से किसी ने मदद नहीं की। उसने बताया कि चित्रकूट पहुंचकर बच्चे का इलाज करवाया है, अब बच्चे की तबियत काफी ठीक है।

गौरतलब है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों से कोरोना वायरस की गंभीरता को समझने और घरों में रहने की अपील करते हुए मंगलवार को 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की है। देश में अब तक 17 लोगों की कोरोना वायरस संक्रमण से मौत हो हुई है। वहीं, इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 700 से अधिक हो गई है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लॉकडाउन की वजह से देश के कई हिस्सों में बहुत सारे लोग रास्तों में फंस गए है, उनकों बहुत परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। उन बेबस और असहाय लोगों के सामने खाने-पीने और रहने की गंभीर समस्या है।

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