शिवपाल यादव से विभाग वापस लिये जाने पर रामगोपाल यादव ने कहा- “कहीं से एक्शन शुरू होता है, तो उसका रिएक्शन होता है”

0

इस सवाल पर कि क्या महत्वपूर्ण विभाग वापस लिये जाने से पहले शिवपाल से पूछने की जरूरत नहीं थी, रामगोपाल ने कहा ‘‘कहीं से एक्शन शुरू होता है, तो उसका रिएक्शन होता है।’’

भाषा की खबर के अनुसार, सपा प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाये जाने को लेकर मुख्यमंत्री के नाराज ना होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा ‘‘नेताजी मुलायम और मुख्यमंत्री के बीच बात होने के बाद ही चीजें सामने आयेंगी। दोनों के बीच बात होने की ही देर है। मुझे इतना विश्वास है कि बात बिगड़ेगी नहीं। नेताजी या तो कल आएंगे या फिर परसों।’’

Also Read:  UP polls: Rebels close to Shivpal Yadav may turn ruling Samajwadi Party's apple cart

अखिलेश को सपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाये जाने की चर्चाओं को बेबुनियाद बताते हुए रामगोपाल ने कहा कि जब मुलायम पार्टी के अध्यक्ष हैं तो कार्यकारी अध्यक्ष की क्या जरूरत है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा सूरतेहाल के बीच पार्टी संसदीय बोर्ड की कोई बैठक नहीं बुलायी गयी है। ‘‘बोर्ड में ऐसे मामले तय नहीं किये जाते हैं। मैं बोर्ड का सचिव हूं। मैं ही बैठक बुलाता हूं। मैंने तो नहीं बुलाई।
मालूम हो कि विगत कुछ महीनों से गम्भीर मतभेदों से दो-चार मुलायम परिवार का द्वंद्व गत क्फ् सितम्बर को उस समय बढ़ गया था, जब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश के मुख्य सचिव दीपक सिंघल को हटा दिया था।

Also Read:  लालू-नीतीश-शहाबुद्दीन-शराबबंदी और पत्रकार: थैन्क-यू माई लॉर्ड

सिंघल अखिलेश के चाचा कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव के करीबी समझे जाते हैं।
जैसे को तैसा की तर्ज पर मुलायम ने बेटे अखिलेश से प्रदेश सपा अध्यक्ष का पद छीनकर शिवपाल को दे दिया, लेकिन कुछ ही घंटों में मुख्यमंत्री अखिलेश ने शिवपाल से लोक निर्माण, सिंचाई और सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण विभाग छीन लिये थे।
मुख्यमंत्री ने कल कहा था कि झगड़ा परिवार का नहीं बल्कि सरकार का है। उन्होंने किसी का नाम लिये बगैर कहा था कि जब ‘बाहरी’ लोग दखलंदाजी करेंगे तो सरकार कैसे चलेगी।

Also Read:  1993 सीरियल बम विस्फोट मामले में अबू सलेम दोषी करार

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here