भारत के मुसलमान प्रभु राम के वंशज हैं, मुगलों के नहीं: गिरिराज सिंह

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कई बार विवादास्पद बयान देकर मीडिया की सुर्खियों में रहने वाले बिहार के नवादा से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री शांडिल्य गिरिराज सिंह ने अभी हाल ही कहा था कि जिस प्रकार 1947 में धर्म के आधार पर देश का विभाजन हुआ, 2047 में फिर से वैसी ही स्थिति होगी।

गिरिराज सिंह
File Photo: The Hindu/Ranjeet Kumar

वहीं, अब गिरिराज सिंह ने कहा कि भारत के मुसलमान प्रभु राम के वंशज हैं, वे मुगलों के वंशज नहीं हैं। इसलिए वे राम मंदिर का विरोध न करें और जो राम मंदिर का विरोध कर रहे हैं, वे भी समर्थन में आ जाएं, वरना उनसे हिंदू नाराज हो जाएंगे। मुस्लिमों से नफरत करने लगेंगे और अगर ये नफरत ज्वाला में बदल गई तो मुस्लिम सोचें फिर क्या होगा। ‘सबका साथ, सबका विकास’ की रट लगाने वाले मंत्री ने कहा कि राम मंदिर जरूर बनना चाहिए। यह मुद्दा कैंसर की दूसरी स्टेज की तरह है, राम मंदिर नहीं बना तो यह लाइलाज हो जाएगा।

समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, गिरिराज सिंह रविवार को बागपत में जनसंख्या समाधान फाउंडेशन के बैनर तले आयोजित जनसंख्या कानून रैली को संबोधित करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि जहां हिंदुओं की आबादी कम है, वहां उनकी आवाज बंद हो जाती है। प्रदेश के 20 जिलों में 20 साल बाद हिंदुओं की जुबान नहीं खुलेगी। देश में ऐसे 54 जिले हैं, जहां हिंदुओं की आबादी गिरी है और आने वाले सालों में 250 जिलों में यही हाल होगा।

उन्होंने आगे कहा कि सर्वधर्म समभाव सिखाना है तो मुसलमानों को सिखाओ। उन्होंने कहा कि सनातन को छोड़कर सर्वधर्म समभाव संभव नहीं है। देश में जहां हिंदू घटे, वहां सामाजिक समरसता टूटी है। देश का जितना नुकसान मुगलों ने नहीं किया, उतना नेताओं ने किया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “मैं सनातन धर्म के लिए बीजेपी, मंत्री पद व सांसदी छोड़ सकता हूं।” वहीं, पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि देश के विकास और सामाजिक समरसता के लिए जनसंख्या कानून जरूरी है। बढ़ती जनसंख्या देश की बड़ी समस्या है, देश में हर मिनट 29 बच्चे पैदा होते हैं। इस तरह देश में हर साल 2 करोड़ बच्चे पैदा हो रहे है, इसका मतलब है कि हम हर साल कई ऐसे देश पैदा कर रहे हैं जिनकी जनसंख्या 2 करोड़ के करीब है।

गिरिराज सिंह ने कहा कि अल्पसंख्यक की परिभाषा बदलनी चाहिए। जहां पांच प्रतिशत हैं वहां भी अल्पसंख्यक और जहां 90-95 प्रतिशत हैं वहां भी अल्पसंख्यक, यह गलत है। उन्होंने कहा कि जो जनसंख्या कानून न माने उसका मताधिकार छीन लेने, कानूनी व आर्थिक कार्रवाई जैसे प्रावधान किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में किसी फिल्मकार की हिम्मत नहीं कि इस्लाम पर टिप्पणी करे, लेकिन हिंदू धर्म का रोज मखौल उड़ाते हैं।

गौरतलब है कि बिहार के नवादा से सांसद अक्सर अपने बयानों को लेकर मीडिया की सुर्खियों में रहते हैं। इतना ही नहीं, हाल ही में उन्होंने ट्विटर पर अपने नाम में शांडिल्य शब्द जोड़ा है।

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