उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू बोले- ‘हर किसी को नहीं दी जा सकती नौकरी, चुनाव के दौरान हर सरकारें ऐसा वायदा करती हैं’

2
Follow us on Google News

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के 4 साल पूरे होने में बस 3 दिन बाकी हैं। विकास की राह पर ले जाकर युवाओं को रोजगार देने का वादा जो पीएम मोदी और उनकी सरकार ने किया था उसे पूरी करने में नाकाम रही सरकार देश में चारों तरफ बेरोजगारी के मसले पर घिरती नजर आ रही है। इस बीच पिछले दिनों एक इंटरव्यू के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजगार को लेकर ‘पकौड़ा तलने’ का उदाहरण क्या दिया कि देश में ‘पकौड़ा’ सबसे हॉट मुद्दा बन गया है।

file photo

इसी पर विपक्ष राजनीति करने में जुट गया है। इसके आगे सरकार की आलोचना के लिए जनसरोकार के सभी मुद्दे गौण हो गए हैं। सोशल मीडिया पर यही बहस ट्रेंड कर रही है। पीएम को तरह-तरह से ट्रोल किया जा रहा है। पकौड़े पर जारी घमासान के बीच देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि देश में हर किसी को नौकरी नहीं दी जा सकती।

आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, नौकरियों को लेकर नीति आयोग और सीआईआई के कार्यक्रम में बोलते हुए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने दो टूक कह दिया कि क्या इस देश में हर किसी को नौकरियां दी जा सकती हैं? नायडू ने कहा कि हर किसी को नौकरी नहीं दी जा सकती, लेकिन चुनाव के दौरान हर सरकारें ऐसा वायदा करती हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकारें ऐसा वायदा ना करें तो जनता उन्हें नौकरी नहीं देगी।

इतना ही नहीं नायडू ने यह भी कहा कि जो काम किसी पर निर्भर है वह अपने आप में एक काम है और इसलिए पकौड़ा बनाना भी एक काम है। बता दें कि समाचार चैनल जी न्यूज को दिये साक्षात्कार में जब पीएम मोदी से अपर्याप्त नौकरी सृजन के बारे में पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि अगर जी टीवी के बाहर कोई व्यक्ति पकौड़ा बेच रहा है तो क्या वह रोजगार होगा या नहीं? पीएम मोदी के इस बयान पर हो रही किरकिरी से सरकार बचने की हर संभव कोशिश कर रही है।

Padmaavat controversy: We remained silents when they beat up Muslims, Dalits

रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यक्रम में बोलते हुए उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि समय है नौकरी और जीविका अर्जित करने के बीच के अंतर को समझा जाए। हालांकि, उनका यह भी कहना है कि शिक्षा सिर्फ नौकरी के लिए नहीं है बल्कि एंपावरमेंट के लिए है और लोगों को यह समझना चाहिए। नायडू ने तर्क देते हुए कहा क्या यह हर किसी के लिए संभव है कि वह डॉक्टर बन जाए?

बता दें कि रोजगार के मुद्दे पर चौतरफा आलोचना झेल रही मोदी सरकार अब अपने विरोधियों से बचने का रास्ता तलाश रही है। इसके लिए बीजेपी नेता और सांसद अजीब-अजीब तरह की तर्क दे रहे हैं। आलम ये है कि हर वर्ष एक लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा करने वाले खुद पीएम मोदी और सरकार के अन्य लोग पकौड़ा बेचने को भी रोजगार मानने लगे हैं।

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने राज्यसभा में अपने पहले भाषण के दौरान पीएम मोदी के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने युवाओं द्वारा पकौड़े बेचने को रोजगार का एक जरिया बताया था। अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस के नेता पी चिदंबरम पकौड़े बेचने वालों की तुलना भिक्षुकों से करते हैं, लेकिन पकौड़ा बनाना शर्म की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी से अच्छा है कि युवा मेहनत कर पकौड़े बेचें।

 

 

2 COMMENTS

  1. AAP Express ??

    @AAPExpress
    Feb 10
    सम्बित पात्र खुद मेरे शो पर नहीं आते हैं। वो अभी दूसरे-दूसरे चैनल्स पर जाकर प्रैक्टिस कर रहे हैं। 2 साल हो गए हैं, जब पूरे तैयार हो जायेंगे तब आएंगे मेरे शो पर। ~ रवीश कुमार pic.twitter.com/kqvaV7MwYC

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here