कठुआ गैंगरेप-हत्याकांड के गवाह सामाजिक कार्यकर्ता तालिब हुसैन की पुलिस रिमांड में पिटाई, सुप्रीम कोर्ट कल करेगा सुनवाई

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जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में 8 साल की नाबालिग मासूम बच्ची के साथ हुए गैंगरेप और हत्या के गवाह सामाजिक कार्यकर्ता तालिब हुसैन को पुलिस के द्वारा पीटे जाने के मामले में दायर की गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट कल यानी बुधवार(8 अगस्त) को सुनवाई करेगा। बता दें कि पिछले सप्ताह तालिब हुसैन को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

फाइल फोटो- तालिब हुसैन

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, तालिब हुसैन ने कजिन ने याचिका दायर कर इस पर जल्दी सुनवाई की अपील की थी। हुसैन की ओर से दायर याचिका पर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदिरा बनर्जी की पीठ में सुनवाई हो सकती है।

नवजीवन.कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, एक दिन पहले ही सांबा थाने की पुलिस ने तालिब के खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। सांबा थाने के एसएचओ चंचल सिंह के मुताबिक, तालिब हुसैन ने पुलिस लॉकअप में दीवार पर अपना सिर मारकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। एसएचओ ने स्थानीय मीडिया को बताया कि पुलिस हिरासत में अपने सिर को दीवार से मारकर हुसैन ने आरपीसी की धारा 309 के तहत अपराध किया है, जिसके तहत उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

सांबा पुलिस स्टेशन में पुलिस रिमांड के दौरान तालिब हुसैन की कथित पिटाई पर वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि लोकतंत्र में यह कतई स्वीकार्य नहीं है। इंदिरा जयसिंह ने ट्वीट कर बताया कि कठुआ गैंगरेप में पीड़िता की तरफ से आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता तालिब हुसैन की सांबा पुलिस स्टेशन में पुलिस रिमांड के दौरान पिटाई की गई है, जिसमें उनका सिर फट गया है और बहुत ज्यादा चोटें आईं है। उन्हें सांबा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इंदिरा जयसिंह ने इस घटना पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि लोकतंत्र में यह कतई स्वीकार्य नहीं है। बता दें कि पिछले सप्ताह तालिब हुसैन को गिरफ्तार किया गया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले तालिब हुसैन की परित्यक्त पत्नी ने उनके खिलाफ घरेलू हिंसा का केस दर्ज कराया था, लेकिन 30 जुलाई को जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने हुसैन की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। लेकिन उसके अगले ही दिन तालिब की परित्यक्त पत्नी की भाभी ने उनके खिलाफ डेढ़ महीने पहले उनके साथ रेप करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसपर कार्रवाई करते हुए इसके अगले ही दिन पुलिस ने तालिब को गिरफ्तार कर लिया।

वहीं हुसैन तालिब और उसके परिजनों का कहना है कि ये एक फर्जी मामला है और सिर्फ उसे परेशान करने की मंशा से ऐसा किया गया है। याचिकाकर्ता के वकील जयसिंह ने कहा कि हुसैन को यातना का सामना करना पड़ा है और उनके परिवार वाले इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।

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